अयोध्या में दीपोत्सव-2026 इस बार परंपरा और आधुनिक तकनीक के अनोखे संगम के साथ मनाया जाएगा। राम की पैड़ी पर 7 नवंबर को होने वाले मुख्य आयोजन में मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन, लेजर शो और 100 से अधिक कलाकारों की प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की गाथा दिखाई जाएगी। करीब 28 मिनट की इस प्रस्तुति में 2डी-3डी दृश्य, संगीत, नृत्य और एरियल एक्ट शामिल होंगे।
पर्यटन विभाग इस बार खास तौर पर जेन-जी यानी नई पीढ़ी को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तैयार कर रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव में तकनीक और कला के जरिए युवाओं को भगवान श्रीराम की कथा और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
5 से 9 नवंबर तक होंगे आयोजन
दीपोत्सव के दौरान 5 से 9 नवंबर तक रामनगरी में मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो आयोजित किए जाएंगे। 5 नवंबर को दो ट्रायल शो होंगे, जबकि 6 नवंबर को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। 7 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। आम लोगों के लिए भी तीन अतिरिक्त शो आयोजित होंगे। 8 नवंबर को दीपावली के दिन चार शो होंगे। वहीं, 9 नवंबर को अयोध्यावासियों के लिए विशेष ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा।
फ्लोटिंग मंच पर दिखेगी रामायण की कहानी
राम की पैड़ी पर पानी के बीच फ्लोटिंग मंच तैयार किया जा रहा है। यहां 100 से अधिक भारतीय लोक और शास्त्रीय कलाकार रामायण के प्रसंगों को जीवंत करेंगे। कहानी, नृत्य, संगीत, वॉयस ओवर और रोशनी के प्रभावों के जरिए भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा दिखाई जाएगी।
प्रस्तुति में 2डी, 3डी और मानव आधारित एरियल एक्ट के साथ लाइव और मूविंग प्रॉप्स का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा आठ मिनट का लेजर शो और 20 मिनट का मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन मैपिंग शो भी आयोजित किया जाएगा।
मोबाइल पर भी देख सकेंगे रामायण के 3डी दृश्य
इस बार दीपोत्सव में दर्शकों को ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) का अनुभव भी मिलेगा। इसके लिए आईओएस और एंड्रॉयड ऐप तैयार किया जाएगा। राम की पैड़ी क्षेत्र में निर्धारित स्थान को मोबाइल से स्कैन करने पर रामायण के पांच 3डी दृश्य वास्तविक परिवेश में दिखाई देंगे। दर्शक इन दृश्यों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा भी कर सकेंगे। यह सुविधा जियो-फेंसिंग से जुड़ी होगी और केवल राम की पैड़ी क्षेत्र में ही काम करेगी।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की तैयारी
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव में प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो, एरियल एक्ट और ऑगमेंटेड रियलिटी के जरिए राम के अयोध्या आगमन की कथा नए अंदाज में दिखाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना और देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को यादगार अनुभव देना है। इसके साथ ही 'विजिट माय स्टेट' अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।