प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्रमुख योजना ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) ने खिलाड़ियों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह योजना 2014 में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘खेल जगत में भारत अपनी जगह बना रहा है। हम अक्सर अपना राष्ट्रगान सुनते हैं और तिरंगा फहराते हुए देखते हैं। खेलो इंडिया गेम्स ने बड़ी सफलता हासिल की है। चाहे वो खेलो इंडिया गेम्स हो, यूनिवर्सिटी गेम्स हो, बीच गेम्स हो, शीतकालीन खेल हो या फिर खेल प्रशिक्षण, खेल चिकित्सा, खेल पोषण, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘भारत का प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है और हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने के प्रबल दावेदार हैं। हम 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर रहे हैं। ओलंपिक में लगभग 40 खेल होते हैं, जिनमें लगभग 350 स्पर्धाएं शामिल हैं। यह दुख की बात है कि हम इनमें से कम से कम दो तिहाई स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते क्योंकि हम क्वालीफाई ही नहीं कर पाते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि 2036 तक हम कम से कम तीन चौथाई प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। हम देश के हर कोने में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए पांंच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।’’ भारत ने 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावा पेश किया है। इसकी घोषणा 2029 में होने की संभावना है।
भारत 2030 में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। यह शहर 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है। प्रतिभा खोज कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर काफी हद तक निर्भर करेगा, जिसका उपयोग फिटनेस परीक्षणों के लिए किया जाएगा, जो हृदय संबंधी सहनशक्ति, मांसपेशियों की ताकत, गति और चपलता, लचीलापन और संतुलन के साथ-साथ गति को मापने के लिए व्यायाम की एक श्रृंखला है।