ऑस्ट्रेलिया के बाद स्पेन दूसरा देश बनने जा रहा है जो 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा रहा हो। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने घोषणा की है कि देश में 16 वर्ष से कम आयु के यूजर्स के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन किया जाएगा। स्पेन ने यह कदम तब उठाया है जब कई अन्य देश भी इसी प्रकार बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं।
स्पेन अगले हफ्ते के आखिर तक बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने वाला कानून पारित कर सकता है। 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने वाला स्पेन यूरोप का पहला देश होगा, जिसके बाद कथित तौर पर ग्रीस भी ऐसा ही बैन लगाने का प्लान बना रहा है।सोशल मीडिया के उपयोग के चलते कई बच्चों के शोषण, साइबरबुलिंग और दुष्प्रभावों के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में सरकार अब बच्चों के बचाव को लेकर ज्यादा जागरूक हो रही हैं। इसके अलावा बच्चों को डिजिटल लत लग रही है और कई जगहों पर एआई द्वारा तैयार बच्चों का सोशल कंटेंट भी चिंता का विषय बन रहा हैं। अब ब्रिटेन, डेनमार्क, मलेशिया और भारत में कई राज्यों की सरकार इस तरह के प्रतिबंध पर विचार कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश था। बीते साल दिसंबर में यह कानून पारित किया गया था, जिसके चलते इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब, एक्स, स्नैपचैट समेत सभी प्लेटफॉर्म को 16 वर्ष से कम आयु के यूजर्स के अकाउंट को डीएक्टिवेट कर दिया गया था। इसका इसका पालन न करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। कुछ ही हफ्तों में ऑस्ट्रेलिया में लगभग 50 लाख बच्चो के अकाउंट को डीएक्टिवेट कर दिया गया।
भारत के कुछ राज्यों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने पर विचार हो रहा है। बीते महीने आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने राज्य सरकार द्वारा ऑस्ट्रेलिया के जैसे 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह प्रतिबंधित लगाने के विचार को जाहिर किया था। मद्रास हाई कोर्ट ने भी भारत सरकार को इसी तरह के बैन पर विचार करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा गोवा में भी इस प्रकार के बैन पर विचार किया जा रहा है।