भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने पैरा एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने महिला कंपाउंड तीरंदाजी के फाइनल में सिंगापुर की नूर अलीम सैयिदाह को 142-139 से हराया। इस जीत के साथ शीतल ने प्रतियोगिता में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया।
आखिरी पांच निशानों में शीतल ने बनाई बढ़त
स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला काफी रोमांचक रहा। शुरुआती 10 निशानों के बाद दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 95-95 से बराबर था। इसके बाद शीतल ने शानदार निशाने लगाए और अपनी प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बना ली।
शीतल ने आखिरी पांच निशानों में दो बार 10 और तीन बार 9 अंक हासिल किए। वहीं, सिंगापुर की खिलाड़ी चार बार 9 और एक बार 8 अंक ही हासिल कर सकीं। इस तरह शीतल ने तीन अंकों के अंतर से मुकाबला जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
टोमन कुमार के साथ मिक्स्ड टीम में भी गोल्ड
शीतल देवी ने इससे पहले टोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इंडोनेशिया की टियोडोरा ऑडी आयुदिया फेरेली और केन स्वागुमिलांग को 151-148 से हराया।
भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही मुकाबले में बढ़त बनाए रखी। पहले चरण के बाद भारत 38-37 से आगे था। दूसरे चरण में 39 अंक हासिल करके शीतल और टोमन ने अपनी बढ़त 77-73 कर ली। तीसरे चरण में 36 अंक बनाने के बावजूद भारतीय जोड़ी ने तीन अंकों की बढ़त बरकरार रखी और आखिरी चरण में 38 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीत लिया।
शीतल और पायल नाग ने जीता था सिल्वर
शीतल देवी ने प्रतियोगिता में अपना पहला पदक बुधवार को महिला कंपाउंड डबल्स इवेंट में जीता था। उन्होंने पायल नाग के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। भारतीय जोड़ी फाइनल में चीन की शुएकिंग शू और जिंग झाओ से 141-150 से हार गई थी। रैंकिंग राउंड में शीर्ष पर रहने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पैरा टेबल टेनिस में भारत को कांस्य
पैरा टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स क्लास XD7 मुकाबले में भाविना पटेल और शुभम वाधवा ने कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी को दक्षिण कोरिया के योंगजिन और मिग्यू से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के सेट 6-11, 11-8, 5-11 और 8-11 रहे।
भारत के पदकों की संख्या 73 पहुंची
पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। शीतल देवी के स्वर्ण पदक के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 73 हो गई है। इनमें 17 गोल्ड, 22 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।