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राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे किए स्वीकार

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को हुई अहम बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिए गए। यह जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने बैठक के बाद दी। स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट इस पूरे घटनाक्रम से बेहद दुखी है। उन्होंने कहा कि चोरी की रकम छोटी है या बड़ी, यह मुख्य मुद्दा नहीं है। सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर ऐसी स्थिति पैदा हुई।

उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। चंपत राय का मानना था कि जब तक मामले में पूरी तरह न्याय नहीं हो जाता और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्य के. पारासरन ने बैठक में कहा कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार, इस्तीफा सौंपते ही उसे स्वीकार माना जाता है। इसलिए दोनों के इस्तीफे प्रभावी हो गए।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे पहले ही 6 जुलाई को बुलाया गया। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, शंकराचार्य, युग पुरुष परमानंद जी महाराज, विश्व प्रसन्न तीर्थ जी महाराज, ट्रस्टी कृष्ण मोहन, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी सहित अन्य सदस्य शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में जुड़े। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह बैठक बुलाई गई थी। इसी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे सौंपे थे।