Breaking News

CM विजय का बड़ा ऐलान, चेन्नई में 20 लाख वर्गफुट में बनेगा नया सचिवालय     |   राम मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (रिटायर्ड) अयोध्या पहुंचे     |   'ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर लगाएंगे प्रतिबंध', अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बोले     |   एक्टर दुनिया विजय के बेटे के खिलाफ केस दर्ज, क्लासमेट से दुर्व्यवहार करने पर एक्शन     |   'ईरान पर फिर से अटैक करने को तैयार अमेरिका', ट्रंप का बड़ा ऐलान     |  

पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, AAP पर लगाए गंभीर आरोप

पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम कटने को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आरोप लगाया है कि उनका नाम वोटर लिस्ट में 'शिफ्टेड' यानी दूसरी जगह चले गए व्यक्ति के तौर पर दर्ज किया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, पंजाब सरकार ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि SIR की प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है।

राघव चड्ढा 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। बाद में उन्होंने 2026 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने एक बार फिर इस मुद्दे को उठाया। चड्ढा ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब अपनी 'बदले की राजनीति' को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि यह सिर्फ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है, फाइनल लिस्ट नहीं। अभी इस पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया बाकी है।

उन्होंने कहा कि वह SIR की गाइडलाइंस के तहत उपलब्ध प्रक्रिया का इस्तेमाल करेंगे और अक्टूबर 2026 में जारी होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में अपने नाम की गलत क्लासिफिकेशन को ठीक करवाएंगे। राघव चड्ढा ने कहा कि वह पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं और उनकी वोटर आईडी मोहाली में रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनके नाम के सामने 'शिफ्टेड' लिखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह महज क्लेरिकल गलती नहीं है, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है। चड्ढा ने सवाल उठाया कि उन्हें 'परमानेंटली शिफ्टेड' किसने मार्क किया, इस क्लासिफिकेशन का वेरिफिकेशन किसने किया और इसे उच्च स्तर पर किसने प्रोसेस किया।

चड्ढा के मुताबिक, इन सभी स्तरों पर पंजाब सरकार के अधिकारी काम करते हैं। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से लेकर असिस्टेंट इलेक्ट्रोल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO), इलेक्ट्रोल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) तक चुनावी प्रक्रिया में राज्य कैडर के अधिकारी शामिल होते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के तबादले, पोस्टिंग और करियर से जुड़े फैसलों पर राज्य सरकार का प्रभाव रहता है। इसी वजह से उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डाला जा सकता है। राघव चड्ढा ने अपने दावे के समर्थन में SIR के लिए चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के पैराग्राफ 4(d) का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक, इसमें जनप्रतिनिधियों समेत कुछ विशेष वर्गों के नामों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल करने का प्रावधान है, ताकि दावा-आपत्ति की अवधि के दौरान जरूरी दस्तावेज जुटाए जा सकें।

चड्ढा ने कहा कि वह पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं और ऐसे में उनके नाम को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मामले में इस निर्देश का जानबूझकर उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट राज्य सरकार की निजी संपत्ति नहीं है और चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत इस पर पारदर्शिता के साथ काम होना चाहिए।

राघव चड्ढा की वोट पहले दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज थी। बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपना वोटर रजिस्ट्रेशन पंजाब के मोहाली में ट्रांसफर कराया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने मोहाली में मतदान भी किया था। वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने राघव चड्ढा के आरोपों को खारिज किया है। प्रवक्ता ने कहा कि यह सार्वजनिक रिकॉर्ड का विषय है कि चड्ढा पंजाब में नहीं, बल्कि दिल्ली में रह रहे हैं। अगर वह अब पंजाब में नहीं रहते हैं, तो अपनी वोटर रजिस्ट्रेशन को बनाए रखना या उसे दूसरी जगह ट्रांसफर करवाना उनकी जिम्मेदारी है।

AAP प्रवक्ता ने कहा कि किसी वोटर एंट्री के हटने के लिए पार्टी या पंजाब सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि AAP को चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों से जानकारी मिली है कि राघव चड्ढा पिछली तारीख से दिल्ली के राजिंदर नगर में अपना वोटर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए और पूरी स्थिति जनता के सामने स्पष्ट की जानी चाहिए।

राघव चड्ढा की वोटर एंट्री को लेकर विवाद के बीच उनकी राज्यसभा सदस्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अंतिम स्थिति संबंधित संवैधानिक और चुनावी नियमों की व्याख्या तथा सक्षम प्राधिकरण के फैसले पर निर्भर करेगी। चड्ढा का कहना है कि वह पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं और उनकी वोटर आईडी मोहाली में दर्ज है। वहीं, AAP का कहना है कि चड्ढा पंजाब में नहीं रहते और वोटर रजिस्ट्रेशन बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी खुद की है। फिलहाल विवाद का केंद्र पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में चड्ढा के नाम के सामने 'शिफ्टेड' दर्ज किया जाना और इस वर्गीकरण की प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोप हैं। फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।