मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव को उच्च स्तरीय समिति की अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद सरकार ने घोषणा की कि UCC का मसौदा 18 जुलाई को होने वाली विशेष कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप ने मंगलवार को भोपाल में कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद UCC विधेयक 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
कश्यप ने बताया कि 18 जुलाई को भोपाल के जगदीशपुर में विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें UCC के मसौदे को मंत्रिपरिषद की मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव UCC को जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सरकारी बयान के अनुसार, उच्च स्तरीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तीन खंडों में तैयार की है।
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पहला खंड समिति की सिफारिशों से संबंधित है, जिसमें 10 अध्याय शामिल हैं।
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दूसरे खंड में UCC का मसौदा विधेयक है, जिसमें 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल हैं।
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तीसरे खंड में जनसुनवाई और सार्वजनिक सुझावों की रिपोर्ट दी गई है।
समिति को 9.58 लाख से अधिक लोगों के सुझाव प्राप्त हुए, जिनका विस्तृत विश्लेषण भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है। समिति ने सिफारिश की है कि अनुसूचित जनजातियों को प्रस्तावित UCC के दायरे से बाहर रखा जाए। समिति को विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कानूनों का अध्ययन कर राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई थी।