पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने दिल्ली स्थित वाजपेयी के स्मारक ‘सदैव अटल’ पहुंचकर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई वरिष्ठ नेता भी ‘सदैव अटल’ पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
अटल बिहारी वाजपेयी देश के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक थे। वह तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे। पहली बार उन्होंने 1996 में थोड़े समय के लिए प्रधानमंत्री पद संभाला था। इसके बाद वह 1998 से 1999 और फिर 1999 से 2004 तक प्रधानमंत्री रहे। वाजपेयी अपनी शानदार भाषण शैली, संसद में प्रभावी भूमिका और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संस्थापक नेताओं में शामिल थे और पार्टी को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही।
वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश में सड़क और दूसरी सुविधाओं के विकास, विदेश नीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में कई बड़े काम हुए।वह एक अच्छे हिंदी कवि भी थे। राजनीति में अलग-अलग विचार रखने वाले नेताओं के बीच भी वाजपेयी का काफी सम्मान था। देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2015 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया गया था। अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। हर साल उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें याद करता है और उनके जीवन, राजनीतिक योगदान और देश सेवा को श्रद्धांजलि दी जाती है।