दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने खाली सीटों को भरने के लिए 11 कॉलेजों में कुछ स्नातक पाठ्यक्रमों में CUET स्कोर के बजाय 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर दाखिले की अनुमति दी है। विश्वविद्यालय के एडमिशन ब्रांच की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस में इसकी जानकारी दी गई।नोटिस के अनुसार, जिन 11 कॉलेजों में 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला दिया जाएगा, उनमें कालिंदी कॉलेज, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (ईवनिंग), लक्ष्मीबाई कॉलेज, राजधानी कॉलेज, श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर वुमेन, पीजीडीएवी (ईवनिंग), श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स, विवेकानंद कॉलेज, श्याम लाल कॉलेज, अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज शामिल हैं।
DU ने कहा कि कुछ कॉलेजों में पात्रता मानदंड पूरा करने वाले छात्रों को कक्षा 12वीं के अंकों की मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जा रहा है।हालांकि, जो छात्र पहले ही विश्वविद्यालय की नियमित प्रक्रिया के तहत किसी कॉलेज में दाखिला ले चुके हैं, वे इस प्रक्रिया के तहत दोबारा दाखिला नहीं ले सकेंगे। विश्वविद्यालय ने इच्छुक छात्रों को आगे की जानकारी के लिए संबंधित कॉलेजों की वेबसाइट देखने की सलाह दी है। DU में 2022 से स्नातक दाखिले के लिए CUET मुख्य माध्यम रहा है। ऐसे में चुनिंदा पाठ्यक्रमों में 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिले के फैसले पर शिक्षकों ने सवाल उठाए हैं।
DU के कुलपति योगेश सिंह ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य CUET के जरिए दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली रह गई सीटों को भरना है। उन्होंने बताया कि CUET के माध्यम से विभिन्न कॉलेजों में करीब 66 हजार छात्रों को दाखिला दिया जा चुका है और अब बाकी सीटों को भरने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि खाली सीटें केवल CUET की वजह से नहीं हैं, बल्कि कुछ पाठ्यक्रमों की मांग कम होने के कारण भी सीटें खाली रह जाती हैं। उनके मुताबिक, अगर विश्वविद्यालय खाली सीटों को भरने की कोशिश कर रहा है तो इसमें कोई नुकसान नहीं है।
इस साल दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में करीब 71,600 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें 100 से ज्यादा BA प्रोग्राम कॉम्बिनेशन भी शामिल हैं। नए नोटिस में कई तरह के पाठ्यक्रम शामिल हैं। कालिंदी कॉलेज में BA ऑनर्स हिंदी, BA ऑनर्स संस्कृत और BSc ऑनर्स फिजिक्स जैसे पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले खोले गए हैं। वहीं, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (ईवनिंग) में BA ऑनर्स फारसी, संस्कृत और उर्दू समेत कई BA प्रोग्राम में दाखिले होंगे।
राजधानी कॉलेज में BA ऑनर्स संस्कृत, BSc प्रोग्राम एप्लाइड फिजिकल साइंसेज विद इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, BSc प्रोग्राम फिजिकल साइंस विद केमिस्ट्री, BA प्रोग्राम संस्कृत और इतिहास, BSc ऑनर्स फिजिक्स और BA ऑनर्स हिंदी जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। वहीं, श्याम लाल कॉलेज में BSc फिजिकल साइंस विद केमिस्ट्री, BSc फिजिकल साइंस विद इलेक्ट्रॉनिक्स और BA ऑनर्स हिंदी में दाखिले के लिए 12वीं के अंकों को आधार बनाया जाएगा।
इस फैसले पर DU के शिक्षकों ने विश्वविद्यालय की दाखिला नीति पर सवाल उठाए हैं। DU के अंग्रेजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रुद्राशीष चक्रवर्ती ने CUET दाखिले के दो दौर पूरे होने के बाद बोर्ड अंकों के आधार पर दाखिले की वापसी को "नीतिगत पंगुता" बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि दाखिला प्रक्रिया के बीच व्यक्तिगत कॉलेज केंद्रीय स्तर पर तय की गई दाखिला नीति में बदलाव कैसे कर सकते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या DU के कॉलेजों को विश्वविद्यालय के नियमों और अध्यादेशों के तहत स्नातक दाखिले को लेकर स्वतंत्र नीतिगत फैसले लेने का अधिकार है।
डीयू के दयाल सिंह कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर नवीन गौर ने इसे CUET और कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) आधारित दाखिला प्रक्रिया की "सामूहिक और व्यापक विफलता" बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस प्रक्रिया में लाखों छात्रों को एक बड़े प्रयोग का हिस्सा बना दिया गया। इस फैसले से एक ही शैक्षणिक सत्र में दाखिले के दो रास्ते सामने आ गए हैं—अधिकांश सीटों के लिए CUET आधारित दाखिला और चुनिंदा खाली सीटों के लिए 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट दाखिला।