उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ब्लू ड्रम मर्डर केस में अदालत ने बुधवार को मुस्कान और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या और उसके शव को ठिकाने लगाने के मामले में दोषी ठहराया गया। अदालत ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।
अधिवक्ता कृष्ण कुमार दुबे के मुताबिक, अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 के तहत 50 हजार रुपये और धारा 238A के तहत 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में ऐसे ठोस साक्ष्य पेश किए, जिनसे दोनों की भूमिका साबित हुई।
क्या है मेरठ का ब्लू ड्रम मर्डर केस?
यह मामला 29 वर्षीय पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। आरोप के मुताबिक, उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला ने हत्या की साजिश रची थी। सौरभ की हत्या के बाद उनके शव के तीन टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में छिपाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि हत्या को किसी ने प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा था। आरोपियों की पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला भी दिया गया, लेकिन अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
अधिवक्ता ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
अधिवक्ता कृष्ण कुमार दुबे ने कहा कि यह फैसला देश की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, अभियोजन पक्ष ने मामले में साक्ष्यों को मजबूती से पेश किया, जिससे आरोपियों का दोष साबित हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला को मौत की सजा सुनाया जाना इस मामले को विशेष बनाता है। मामले में दोषियों पर लगाए गए जुर्माने की राशि भी अदालत के आदेश का हिस्सा है।
मेरठ का यह मामला सौरभ राजपूत की हत्या और शव को नीले ड्रम में छिपाने के आरोपों के कारण देशभर में चर्चा में रहा था। अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।