Breaking News

मुंबई में BEST बस से टकराया टैंकर, 4 यात्री घायल     |   यूपी के हरदोई में मिलावट के शक में 38 हजार लीटर दूध जब्त     |   यूपी पशुपालन भर्ती घोटाले में रिटायर्ड IAS योगेश कुमार गिरफ्तार, सपा सरकार में थे प्रमुख सचिव     |   जौहर ट्रस्ट से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों में आजम खान के खिलाफ ED ने दर्ज की FIR     |   नई दिल्ली से पटना के बीच चलेगी वंदे मातरम ट्रेन, रेलवे ने जारी किया शेड्यूल     |  

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर हुई प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। अब इस योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस फैसले के तहत योजना की विभिन्न उप-योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे। इसके साथ ही दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता मानदंड, लाभार्थियों की कवरेज और सहायता राशि में बदलाव किया गया है। बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन योजनाएं तथा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना पहले की तरह जारी रहेंगी।

पेंशन योजनाओं के बदले गए नाम

केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत चलने वाली योजनाओं के नए नाम इस प्रकार हैं:

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS): प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS): प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS): प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना

  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना: प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

दिव्यांग पेंशन की सहायता राशि में बदलाव

कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत सहायता राशि में संशोधन को मंजूरी दी है। अब 0 से 79 वर्ष की आयु के पात्र लाभार्थियों को 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 625 रुपये की सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा, पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा को मौजूदा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। अब दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त जन्म से लागू होगी। पात्रता के नए नियमों, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से जुड़े दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू किए जाएंगे।

बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन जारी रहेगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वृद्धावस्था और विधवा पेंशन योजनाओं के साथ पारिवारिक लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी। इन योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता व्यवस्था में इस फैसले के जरिए बदलाव नहीं किया गया है।

1995 में शुरू हुई थी योजना

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना है। यह कार्यक्रम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41 में वर्णित राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों के अनुरूप शुरू किया गया था।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि देशभर में पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

सरकार ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप दिव्यांग पेंशन की पात्रता में बदलाव जरूरी था। इसी के तहत बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 40 प्रतिशत निर्धारित की गई है। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए संबंधित सहायता अन्य समान श्रेणियों की योजनाओं की तुलना में कम से कम 25 प्रतिशत अधिक रखने का प्रावधान भी अधिनियम में किया गया है।