तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक मामले में एक सप्ताह की अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) दे दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा पासपोर्ट और संपत्ति से जुड़े आरोपों के संबंध में दर्ज कराया गया था। इससे पहले असम पुलिस ने पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई रिनिकी भुइयां शर्मा की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लीगल सेल के सदस्य पोनम अशोक गौड़ ने बताया कि हाई कोर्ट ने खेड़ा को एक सप्ताह का समय दिया है, ताकि वे संबंधित अदालत में पेश होकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सकें। दरअसल, पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास भारत, यूएई और मिस्र के तीन पासपोर्ट हैं। साथ ही उन्होंने दुबई में अघोषित लग्जरी संपत्तियां और अमेरिका के वायोमिंग में एक कंपनी होने का भी दावा किया था।
हालांकि, सरमा परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “एआई से तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज” बताया है, जो पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूहों द्वारा फैलाए जा रहे हैं। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम पुलिस किसी को भी ढूंढ निकालने में सक्षम है और कानून अपना काम करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि तलाशी के दौरान पवन खेड़ा हैदराबाद चले गए थे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।