महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों और सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला, दूध और दूध से बने उत्पादों समेत लाखों रुपये की खाद्य सामग्री जब्त की। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के भंडारण के खिलाफ की गई।
FDA ने नागपुर में 4,10,782 रुपये का गुटखा और पान मसाला जब्त किया। इसके अलावा 8 लाख रुपये मूल्य के दो वाहन भी जब्त किए गए। अभियान के दौरान तीन प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसके बाद तीन FIR दर्ज की गईं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। त्योहारी अभियान के तहत दूध और दूध से बने उत्पादों की कुल 7,38,230 रुपये की सामग्री जब्त की गई। इसमें 2,813 किलोग्राम उत्पाद शामिल हैं। वहीं, सुपारी, नमकीन और ताड़ी समेत अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत 4,66,802 रुपये बताई गई है।
कोंकण डिवीजन में मीरा रोड के काशिमीरा इलाके में एक वाहन से 479 किलोग्राम खोया और 958 किलोग्राम मीठा मावा जब्त किया गया। इन उत्पादों की कीमत 3,16,140 रुपये थी। जांच में खाद्य सामग्री बिक्री के लिए अनुपयुक्त पाई गई। इन्हें अस्वच्छ परिस्थितियों में और उचित तापमान नियंत्रण के बिना रखा गया था।
एक अन्य वाहन से 659 किलोग्राम खोया और 220 किलोग्राम मीठा मावा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 2,69,940 रुपये थी। पालघर के चारोटी टोल पर 174 किलोग्राम मीठा मावा भी जब्त किया गया। इसकी कीमत 48,720 रुपये थी। यह सामग्री घटिया गुणवत्ता की और गलत लेबलिंग वाली पाई गई। पुणे डिवीजन के सतारा जिले के कराड में एक प्रतिष्ठान से 126 किलोग्राम दूध की मिठाई जब्त की गई। इसकी कीमत 63,000 रुपये थी। जांच में मिठाइयां अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार की गई थीं।
कोल्हापुर में लाइसेंस और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर 99 किलोग्राम खोया और 98 किलोग्राम रबड़ी जब्त की गई। जब्त सामग्री की कीमत 40,430 रुपये बताई गई है। मुंबई में FDA ने 27 होटल और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। इनमें से 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 13 को सुधार नोटिस जारी किए गए। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों को अस्वच्छ तरीके से संभालना, गलत तरीके से भंडारण, कीड़ों का प्रकोप, कर्मचारियों का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं होना और जरूरी जल परीक्षण रिपोर्ट का अभाव जैसी खामियां सामने आईं। FDA ने बताया कि यह कार्रवाई राज्यभर में चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है।