प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बताया कि इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
पीएमओ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी पोस्ट में कहा, "उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आग लगने की दुर्घटना में लोगों की मौत से अत्यंत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं तथा प्रशासन हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।"
इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी घटना स्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अलीगढ़ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ में आग लगने की घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर तत्काल राजधानी लौटने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे अभी लखनऊ की घटना की जानकारी मिली है। आग की इस दुखद घटना में कुछ बच्चों की जान चली गई है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। यह अत्यंत पीड़ादायक घटना है।" उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर उनकी मदद करेगी।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि हादसे में 14 बच्चों की मौत हुई है, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने कहा कि अब तक 13 लोगों को मृत घोषित किया गया है, जबकि पांच घायल उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
अग्निकांड के दौरान बचाव दलों ने उसी इमारत में स्थित एक पालतू पशु चिकित्सा क्लिनिक और पेट शॉप से कई बिल्लियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला। राहत और बचाव कार्य देर तक जारी रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग उस इमारत में लगी जहां लाइब्रेरी और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे थे। आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी में एक व्यक्ति ने घबराकर इमारत से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।