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विपक्ष ने चर्चा में हिस्सा नहीं लिया तो सरकार बिना चर्चा के पास करेगी परीक्षा विधेयक - किरेन रिजिजू

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि अगर विपक्ष चर्चा में हिस्सा नहीं लेता है, तो सरकार लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के भी पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी। सरकार लोकसभा में इस विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा कराने की तैयारी कर रही है। रिजिजू ने लोकसभा में कहा, “अगर विपक्षी दल परीक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं, तो सरकार इसे बिना चर्चा के पारित करा देगी।” रिजिजू के बयान के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से आपस में बातचीत करने को कहा, ताकि शाम 5 बजे विधेयक पर चर्चा शुरू की जा सके।

भाजपा और NDA ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उन नेताओं की सूची सौंप दी है, जो विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेंगे। सरकार की ओर से विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा का प्रस्ताव रखा जा सकता है। यह विधेयक केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया था। NDA के करीब 12 नेताओं के नाम चर्चा के लिए तय किए गए हैं। इनमें बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या, शशांक मणि त्रिपाठी, अनुराग ठाकुर, श्रीकांत शिंदे, अरुण भारती, आलोक सुमन, अनुप्रिया पटेल और सायली घोष समेत अन्य नेता शामिल हैं।

वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मांग की है कि विधेयक पर सीधे सदन में चर्चा न कराई जाए। विपक्ष चाहता है कि इसे आगे की चर्चा के लिए संसदीय स्थायी समिति या संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए। कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि सबसे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में छात्रों पर कथित हमले को लेकर बयान दें। इसके बाद विधेयक पर चर्चा हो।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि प्रधानमंत्री और सरकार छात्रों के साथ किए गए व्यवहार के लिए माफी मांगें। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को दबाने की कोशिश की जा रही है और सवाल उठाया कि पुलिस ने छात्रों पर गोली चलाने की हिम्मत कैसे की। हालांकि, सरकार लोकसभा में विधेयक पर सीधे चर्चा कराने के पक्ष में है।

इससे पहले दिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि देशभर के छात्रों की ओर से उठाई गई चिंताओं को देखते हुए यह विधेयक लाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से विधेयक पर “खुलकर और गंभीर चर्चा” करने की अपील की। रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन और नए कानून समेत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने विपक्ष से इन फैसलों पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधेयक में पेपर लीक में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त और समयबद्ध सजा का प्रावधान किया गया है। रिजिजू ने कहा कि अगर इन सभी कदमों के बावजूद विधेयक पर चर्चा नहीं होने दी जाती है, तो इससे गलत संदेश जाएगा।