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IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की डीनशिप तत्काल प्रभाव से निलंबित की, छात्र की मौत पर मांगी माफी

आईआईटी बॉम्बे ने सोमवार को प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की डीनशिप तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी। यह फैसला संस्थान के निदेशक शिरीष बी. केदारे ने लिया। इसके साथ ही संस्थान ने छात्र साहिल वाकोड़े की मौत से जुड़ी अपनी पिछली टिप्पणियों को वापस लेते हुए औपचारिक माफी मांगी। आईआईटी बॉम्बे ने यह भी स्पष्ट किया कि निदेशक शिरीष बी. केदारे ने इस्तीफा नहीं दिया है, जैसा कि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था।

पिछली टिप्पणियों पर IIT बॉम्बे ने जताया खेद

संस्थान ने अपने आधिकारिक बयान में माना कि घटना की जांच पूरी होने से पहले ही उसके कारणों और परिस्थितियों को लेकर जल्दबाजी में दावे किए गए थे। आईआईटी बॉम्बे ने कहा कि छात्र की मौत से पहले की घटनाओं का विवरण उचित जांच प्रक्रिया के जरिए स्थापित होने से पहले सार्वजनिक रूप से बताना और उनका चरित्र-निर्धारण करना अनुचित था।

संस्थान ने कहा, "साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की परिस्थितियों को लेकर हमारे पिछले बयान में की गई टिप्पणियों के लिए हम माफी मांगते हैं।" आईआईटी बॉम्बे ने आगे कहा कि घटना से जुड़ी परिस्थितियां संबंधित अधिकारियों की जांच के अधीन हैं।

परीक्षा में नकल के आरोप के बाद छात्र की मौत

ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल वाकोड़े की शुक्रवार को आत्महत्या से मौत हो गई थी। 19 सितंबर को जारी अपने पहले बयान में आईआईटी बॉम्बे ने दावा किया था कि छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।

संस्थान के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र की तस्वीर ChatGPT पर अपलोड कर उत्तर मांगने का प्रयास किया था। आईआईटी बॉम्बे ने कहा था कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत कर काउंसलिंग की थी और उसे भरोसा दिलाया था कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया, जहां शाम को वह मृत पाया गया।

फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर के समर्थन में जारी किया बयान

इस बीच, आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के प्रति एकजुटता जताई है। फोरम के मुताबिक, प्रोफेसर संस्थान की निर्धारित शैक्षणिक नीतियों और प्रक्रियाओं के तहत अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। फोरम ने बताया कि 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान प्रोफेसर दूल्ला बतौर कोर्स इंस्ट्रक्टर निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक छात्र को बिना अनुमति स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते देखा, जिसे फोरम ने अकादमिक कदाचार बताया।

फोरम के अनुसार, प्रोफेसर ने संस्थान की स्वीकृत प्रक्रिया के तहत घटना की जानकारी अधिकारियों को दी थी। फोरम ने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए प्रोफेसर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने पर चिंता व्यक्त की।

मुंबई पुलिस ने क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच

मुंबई पुलिस ने छात्र की कथित आत्महत्या का मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। मृतक के पिता ने कैंपस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर और परीक्षा निरीक्षक सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की।

मृतक के पिता ने शिकायत में उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रोफेसर ने पिछले तीन महीनों के दौरान छात्र के खिलाफ जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। मामले में प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपों की जांच जारी है।