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महिला आरक्षण बिल पर घमासान, CM योगी आदित्यनाथ की जन आक्रोश महिला पदयात्रा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली। यह पदयात्रा लोकसभा के विशेष सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, यानी महिला आरक्षण बिल के पारित न होने के विरोध में आयोजित की गई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा आयोजित इस ‘जन आक्रोश रैली’ में सीएम योगी के साथ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों उपमुख्यमंत्री और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। यह पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक निकाली गई, जिसमें राज्य सरकार की महिला मंत्रियों ने भी भाग लिया। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर कई सवाल उठाए।

रैली के मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कई जगहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस विरोध प्रदर्शन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एक “अघोषित एजेंडा” है कि देश की महिलाओं को उनके अधिकार न मिलें। उन्होंने कहा कि 2023 में लागू ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को सभी दलों ने समर्थन दिया था, लेकिन जब इसे जमीनी स्तर पर लागू करने का समय आया, तो विपक्ष ने बाधा डालने का काम किया।

वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि महिलाएं बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकलकर विरोध जता रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को आगामी चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जब महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहते हैं, तो विपक्ष उसका भी विरोध कर रहा है।

गौरतलब है कि 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका। तीन दिवसीय विशेष सत्र (16-18 अप्रैल) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने इस पर चर्चा की। वहीं, विपक्ष की ओर से अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी और केसी वेणुगोपाल जैसे नेताओं ने भी अपने विचार रखे। मतदान के दौरान 298 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया, लेकिन बिल पारित नहीं हो सका क्योंकि विपक्ष ने परिसीमन (डिलिमिटेशन) प्रक्रिया को लेकर समर्थन नहीं दिया। इसके बाद सरकार ने इससे जुड़े अन्य विधेयकों को भी आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।