मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में जलने वाला एक-एक दीप देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा। पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। आज जहां पहले रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, वहीं अब श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा होती है। अयोध्या अब आस्था के साथ विकास का भी बड़ा केंद्र बन चुकी है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को पीलीभीत में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और नूरानपुर में अमृत सरोवर का लोकार्पण भी किया।
तुष्टिकरण से बढ़ा आतंकवाद, संतुष्टिकरण से रामराज्य का मार्ग
सीएम योगी ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति ने देश में आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ावा दिया, जबकि संतुष्टिकरण से रामराज्य का मार्ग प्रशस्त हुआ है। बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही रामराज्य की अवधारणा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले विकास के लिए आने वाला पैसा बर्बाद होता था, लेकिन अब उसी धन का इस्तेमाल गरीबों के कल्याण और धार्मिक स्थलों के विकास में किया जा रहा है। गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, किसानों को सम्मान निधि और युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं, अब होती है पुष्पवर्षा
मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए श्रद्धालुओं ने बलिदान दिया। पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद आज भव्य राम मंदिर बन चुका है और लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में अब चार लेन की सड़कें, बेहतर रेल सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। पहले की तुलना में शहर की तस्वीर बदल गई है। अयोध्या में रोजाना एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि पर्व-त्योहारों पर यह संख्या पांच लाख से 50 लाख तक पहुंच जाती है।
काशी से गोला गोकर्णनाथ तक हो रहा तीर्थस्थलों का विकास
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और मां विंध्यवासिनी धाम में भी श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर बनाया जा रहा है और बरेली की नाथ नगरी को भी नया स्वरूप दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है। इससे श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलती हैं, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षण मिलता है।
आस्था और संस्कृति देश को जोड़ती हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत विविधता में एकता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भाषा, वेशभूषा और रहन-सहन भले ही अलग हों, लेकिन आस्था और संस्कृति सभी को एक सूत्र में बांधती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन हर चुनौती में सही रास्ता दिखाता है। श्रीराम कथा का उद्देश्य केवल सुनना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना भी है।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख और संजय गंगवार, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता, विधान परिषद सदस्य संजीव प्रताप सिंह, विधायक विवेक वर्मा और बाबूराम पासवान समेत कई जनप्रतिनिधि, संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।