Breaking News

अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल पर हमला, अस्पताल में भर्ती     |   महाराष्ट्र: नांदेड़ में अकाली नेता सुखबीर बादल पर निहंग ने कृपाण से हमला किया     |   महाराष्ट्र: CM देवेंद्र फडणवीस ने सुखबीर बादल पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए     |   बिहार: भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक मदद, एक परिजन को सरकारी नौकरी- CM सम्राट     |   क्रीमिया में जोरदार धमाका, चपेट में आने से रूसी सैन्य अधिकारी की मौत     |  

राम मंदिर के पुजारियों के ड्रेस कोड में फिर बदलाव, अब पहनेंगे बिना सिले हुए वस्त्र

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में पुजारियों के ड्रेस कोड में एक बार फिर बदलाव किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवगठित धार्मिक न्यास समिति ने पुजारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड में बदलाव को मंजूरी दी है। अब राम मंदिर के पुजारी बिना सिले हुए वस्त्र पहनकर पूजा-अर्चना करेंगे।

दरअसल, पिछले दिनों धार्मिक न्यास समिति की बैठक में पुजारियों के ड्रेस कोड को लेकर संतों ने आपत्ति जताई थी। इसे वैष्णव परंपरा के अनुरूप नहीं बताया गया। संतों ने सुझाव दिया कि मंदिर के गर्भगृह में पूजा करने वाले पुजारियों को बिना सिले हुए वस्त्र ही पहनने चाहिए। इसके बाद समिति ने ड्रेस कोड में बदलाव का फैसला लिया।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के पुजारियों के लिए पहले एक तय ड्रेस कोड लागू किया था। इसके तहत पुजारियों को पगड़ी, पीले रंग की चौबंदी और सफेद धोती पहनने के निर्देश दिए गए थे। ट्रस्ट की ओर से पुजारियों को गर्मी और सर्दी के मौसम के अनुसार निर्धारित ड्रेस भी उपलब्ध कराई गई थी। चौबंदी पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का मोनोग्राम भी छपा हुआ था।

पुनर्गठित धार्मिक न्यास समिति की पहली बैठक में संतों ने पुजारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंदिर की वैष्णव परंपरा के अनुसार गर्भगृह में पूजा करने वाले पुजारियों को बिना सिले हुए वस्त्र धारण करने चाहिए। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने संतों के सुझाव को स्वीकार कर लिया। इसके बाद बदला हुआ ड्रेस कोड लागू कर दिया गया।

पुजारियों के लिए बदला हुआ ड्रेस कोड सावन शुक्ल प्रतिपदा यानी आज से लागू किया गया है। इसके पीछे पुजारियों की ड्यूटी का रोस्टर भी एक कारण बताया गया है। रामलला के पुजारियों की ड्यूटी हर महीने अमावस्या और पूर्णिमा के आधार पर बदलती है। सावन माह की कृष्ण अमावस्या तक सुबह की पाली में ड्यूटी करने वाले पुजारियों का समूह अब प्रतिपदा से शाम की पाली में ड्यूटी करेगा। वहीं, शाम की पाली में ड्यूटी करने वाला समूह अब सुबह की पाली में पूजा-अर्चना करेगा।

राम मंदिर धार्मिक न्यास समिति के सदस्य और श्रीराम वल्लभकुंज के अधिकारी स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि वैष्णव परंपरा में मंदिर के गर्भगृह में विशेष मर्यादा का पालन किया जाता है। उनके अनुसार, भगवान के श्रीविग्रह की पूजा के दौरान बिना सिले हुए वस्त्र धारण करने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर के पुजारियों के ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है।