Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को एआईएडीएमके के "दो पत्ते" चुनाव चिन्ह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपी चंद्रशेखर को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और पांच लाख रुपये के जमानती मुचलके पर राहत प्रदान की।
हालांकि, चंद्रशेखर अपने खिलाफ दर्ज दूसरे लंबित मामलों में जेल में ही रहेंगे। न्यायाधीश गोगने ने कहा, "स्वतंत्रता हमारे संविधान में सबसे पवित्र मानदंड है, इसलिए न्यायालय विशेष कानून या आर्थिक अपराधों के बहाने राज्य के साथ मिलीभगत करते हुए अपने निर्णयों से स्वतंत्रता का उपदेश नहीं दे सकता।"
उन्होंने कहा कि हालांकि मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध गंभीर प्रकृति का है, लेकिन पीएमएलए जैसा विशेष कानून राज्य का कोई ऐसा अत्याचार नहीं है, जिसे अदालत के जरिए आरोपी की स्वतंत्रता पर थोपा जा सके।
न्यायाधीश ने कहा, "इस प्रकार अभियुक्त के विरुद्ध 31 मामलों (वर्तमान मामले सहित) का अस्तित्व भी इस विशेष मामले में उसकी जमानत के अधिकार को खत्म नहीं करता है, जब हिरासत की अवधि पीएमएलए की धारा चार के तहत प्रस्तावित कारावास की अवधि के आधे से अधिक हो चुकी है और उससे भी अधिक तब जब वो पहले से ही 31 में से 26 मामलों में जमानत पर है।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछले कई सालों से मूल अपराध और पीएमएलए के तहत मौजूदा शिकायत दोनों में कार्यवाही प्रभावी रूप से स्थगित होने के कारण, आरोपी ने न केवल मुकदमे के दौरान अत्यधिक हिरासत झेली है, बल्कि उसे बिना मुकदमे के और भी लंबे समय तक हिरासत में रहने का सामना करना पड़ेगा।"