Breaking News

अमेरिका का दावा- ईरानी नौसेना के 150 से ज्यादा जहाजों को तबाह किया गया     |   ईरान जंग में हम जीत के करीब: अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान     |   होर्मुज नाकेबंदी के बीच ट्रंप का संदेश- हमसे तेल खरीदें या अपना तेल लें     |   IAS चंचल कुमार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया     |   शीतला माता मंदिर भगदड़: मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये देगी बिहार सरकार     |  

देहरादून में कानून-व्यवस्था पर सख्त CM धामी, अधिकारियों पर कार्रवाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में हाल ही में हुई कानून-व्यवस्था की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था से किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मसूरी (देहरादून) क्षेत्र-3 के उप आबकारी निरीक्षक सोभन सिंह उप और कुठाल गेट चौकी के उपनिरीक्षक अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सीएमओ के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में व्यापक चेकिंग अभियान चलाने और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रोड रेज, फायरिंग और देर रात होने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुलिस-प्रशासन को पूरी सख्ती और सतर्कता के साथ काम करना होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वहीं, मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने भी सचिवालय में गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बढ़ती रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, खासकर पीक आवर्स में निगरानी तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही, सुबह, दिन और रात—तीनों समय गश्त बढ़ाने को कहा गया।

उन्होंने बार और रेस्टोरेंट के निर्धारित समय पर सख्ती से बंद कराने के निर्देश भी दिए और कहा कि देहरादून को पार्टियों और अव्यवस्थित गतिविधियों का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले बार संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, होमस्टे की निगरानी, किरायेदारों और पीजी में रहने वालों का सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके।