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भारत तिवारी एनकाउंटर मामला, प्रशांत किशोर ने परिजनों से की मुलाकात, न्यायिक जांच की मांग उठाई

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को भोजपुर जिले में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भारत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और मामले की न्यायिक जांच की मांग की। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह पता लगाने के लिए न्यायिक जांच होनी चाहिए कि हत्या किसने की और इसका आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में इस घटना से जुड़े सभी लोगों को शामिल किया जाना चाहिए।

इधर, भारत तिवारी संघर्ष समिति ने मामले को लेकर महापंचायत आयोजित की। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो राज्यव्यापी और देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। समिति के एक सदस्य ने दावा किया कि महापंचायत में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि महापंचायत शुरू होने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बिहार विधानसभा का घेराव किया जाएगा और देशभर में चक्का जाम आंदोलन चलाया जाएगा।

पूर्व कांग्रेस विधायक मुन्ना तिवारी ने भी महापंचायत का समर्थन करते हुए कहा कि लोग स्वेच्छा से बड़ी संख्या में इसमें शामिल हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और भारत तिवारी को शहीद का दर्जा दिया जाए।वहीं, मृतक के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि भाई के अंतिम संस्कार के बाद वह दिल्ली जाएंगे और देशभर के लोगों से समर्थन की अपील करेंगे।

सहरसा स्थित ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के निदेशक रोशन आनंद ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि पुलिस जनता की रक्षक है, भक्षक नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भारत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो फिर उनका एनकाउंटर क्यों किया गया। 28 वर्षीय भारत भूषण तिवारी, भोजपुर जिले के बिलौती गांव के निवासी और एक छात्र व सामाजिक कार्यकर्ता थे। वह स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। विशेष रूप से उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।

17 जून 2026 को कथित पुलिस मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला राजनीतिक और कानूनी विवाद का रूप ले चुका है। भारत तिवारी की मां की शिकायत पर बिहार पुलिस ने जगदीशपुर डीएसपी, शाहपुर थाना प्रभारी (SHO) और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में भारत तिवारी की "गलत तरीके से हत्या" का आरोप लगाया गया है।

बढ़ते जनदबाव और राजनीतिक विवाद के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश की निगरानी में होगी। साथ ही जांच पूरी होने तक स्थानीय थाना प्रभारी समेत चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।