पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हस्ताक्षर जालसाजी मामले में अभिषेक बनर्जी ने बिना उन्हें विश्वास में लिए अपना वकील बदल लिया, जिससे उनका अपमान हुआ है।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह मामले की पैरवी कर रहे थे और अदालत में लगातार उपस्थित भी रहे, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि अभिषेक बनर्जी की ओर से एक अन्य वकील को नियुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि वह मामला नहीं संभाल सकते तो उन्हें पहले सूचित किया जाना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह अभिषेक बनर्जी की ओर से किसी भी कानूनी मामले में पेश नहीं होंगे।
उन्होंने अभिषेक बनर्जी के रवैये को अहंकारी बताते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया जाना चाहिए। कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी के भीतर पैदा हो रही कई समस्याओं के लिए अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं और उनका व्यवहार लगातार असंतोष को बढ़ा रहा है। इस दौरान उन्होंने TMC प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी संदेश देते हुए कहा कि उन्हें उनके और अभिषेक बनर्जी के बीच फैसला करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी अभिषेक पर ही निर्भर रहना चाहती हैं तो वह उनके साथ रहें, लेकिन यदि वह अभिषेक से दूरी बनाती हैं तो वह पूरी तरह उनके साथ खड़े रहेंगे।
कल्याण बनर्जी ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने उनसे बात की है, लेकिन ममता बनर्जी की ओर से अभी तक कोई संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के अन्य मामलों की पैरवी जारी रखेंगे, लेकिन अभिषेक बनर्जी के मामलों से खुद को अलग रखेंगे।यह बयान ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस में लगातार असंतोष और गुटबाजी की खबरें सामने आ रही हैं। बुधवार को TMC सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर रॉय भी राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। इन इस्तीफों ने पार्टी के भीतर संकट को और गहरा कर दिया है।
इसी बीच बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनके गुट को पश्चिम बंगाल विधानसभा के 64 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने कहा है कि 20 सांसदों के एक समूह ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है, जो पार्टी के भीतर बढ़ती फूट का संकेत माना जा रहा है।
दूसरी ओर, अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। हालांकि कांग्रेस ने TMC के साथ किसी भी तरह के विलय या गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया है। लगातार इस्तीफों, बगावत और नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी ने TMC नेतृत्व के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।