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ग्वालियर हादसे में 14 लोगों की मौत, PM मोदी ने 2 लाख और CM मोहन यादव ने 4 लाख रुपये की मदद का किया ऐलान

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीटला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पीएम मोदी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

सीएम मोहन यादव ने भी किया मुआवजे का ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का मुफ्त इलाज कराने के निर्देश भी दिए हैं।

सीएम ने मंत्रियों ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचकर राहत कार्यों में मदद करने के निर्देश दिए। मंत्री राकेश शुक्ला ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं और हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

ढलान पर बेकाबू हुआ धान से भरा ट्रक

यह हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, छिनोर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर उतरते समय बेकाबू हो गया। ट्रक बैरिकेडिंग और पुलिस चेक पोस्ट को पार करते हुए मंदिर के पास मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। इसके बाद ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया।

ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में दो महिलाएं, 18 साल से कम उम्र के दो बच्चे और 10 पुरुष शामिल हैं। हादसे के बाद 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था, जिनमें ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि कई लोगों को शुरुआती इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप

हादसे के बाद मृतकों और घायलों के परिजनों में नाराजगी है। परिवारों ने आरोप लगाया कि पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची और घायलों को अस्पताल ले जाने में भी देरी हुई। कुछ परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अपने लापता परिजनों को तलाशने से रोका।

पोस्टमार्टम केंद्र पर भी परिजनों ने पुलिस से जवाब मांगे। ग्वालियर के एसपी धर्मवीर सिंह के वहां पहुंचने पर लोगों ने कथित लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई।

ट्रक की तकनीकी जांच के निर्देश

जिला प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि नवरात्र के दौरान सड़क पर बैरिकेडिंग और पुलिस चेक पोस्ट होने के बावजूद ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम को ट्रक की तकनीकी जांच करने और हादसे की वजह का पता लगाने के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।