Delhi: जापान की वाहन मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी होंडा ने आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बॉम्बे के साथ कृत्रिम मेधा(एआई) टेक्नोलॉजी पर संयुक्त अनुसंधान शुरू करने की बुधवार को ऐलान किया। कंपनी की योजना ऐसी चालक सहायता और स्वचालित ‘ड्राइविंग’ प्रौद्योगिकियों को विकसित करना है जो भारत समेत दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में पेश की जा सकें।
कंपनी ने बयान में कहा, संयुक्त अनुसंधान का मकसद होंडा सीआई (कॉपरेटिव इंटेलिजेंस) को और आगे बढ़ाना है। सीआई मूल रूप से होंडा एआई है जो मशीनों और लोगों के बीच आपसी समझ को कायम करती है। भारत में होंडा की सहायक कंपनी होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड (एचसीआईएल) दोनों आईआईटी के साथ एक संयुक्त अनुसंधान अनुबंध पर हस्ताक्षर करेगी।
बयान में कहा गया, ‘‘आईआईटी बड़ी संख्या में उत्कृष्ट शोधकर्ताओं और इंजीनियर का घर है। उन संस्थानों के साथ संयुक्त अनुसंधान के जरिए सीआई की अंतर्निहित टेक्नोलॉडी को आगे बढ़ाने की कोशिश होंडा करेगा, साथ ही भविष्य में उन प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोगों पर फोकस करेगा जो यातायात दुर्घटनाओं को कम करेंगे और स्वचालित ‘ड्राइविंग’ को सक्षम बनाएंगे।’’
होंडा ने कहा कि वो 2019 से सक्रिय रूप से आईआईटी स्नातकों को काम पर रख रहा है। इनमें से कई अब ‘मोबिलिटी इंटेलिजेंस’ के क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें सीआई का अनुसंधान और विकास भी शामिल है।