Breaking News

अमित शाह ने लॉन्च किया एंटी-ड्रग विजन, 3 साल में नेटवर्क खत्म करने का लक्ष्य     |   अयोध्या चंदा चोरी मामला: सभी आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया     |   चंदा केस: ट्रस्ट में रोज चोरी हो रही थी, अरबों रुपये कहां गए? - अरविंद केजरीवाल     |   बिहार: प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया     |   होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा के लिए अमेरिका, इजरायल और सहयोगी देश जिम्मेदार: ईरान     |  

हिमाचल में मौसम का कहर, बारिश-बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि लगभग सभी जिलों में बारिश हुई।

IMD हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शोभित कटियार ने कहा, “पिछले 24 घंटों में राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश हुई है, जबकि ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिली है।” उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई, जहां कुछ इलाकों में 60 मिमी से अधिक वर्षा हुई, जबकि शिमला में करीब 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लाहौल-स्पीति में लगभग 4 सेमी और कुफरी में करीब 1.4 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई।

IMD के अनुसार, इस बारिश और बर्फबारी के कारण राज्य के तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। कटियार ने कहा, “पश्चिमी विक्षोभ का असर आज रात तक बना रहेगा, जिससे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचे इलाकों में सुबह तक बर्फबारी जारी रह सकती है।” चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के कुछ हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम गतिविधियां 9 अप्रैल के बाद कम होने की संभावना है। कटियार ने कहा, “इस सिस्टम के कमजोर पड़ने के बाद अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में कोई खास मौसम गतिविधि नहीं होगी और लगभग एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है।” IMD के आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून (मार्च-अप्रैल) अवधि के दौरान अब तक करीब 138 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत अधिक है।