आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की डॉक्टर रावली पांच मई, 2024 को चाची से मिल कर लौट रही थीं। रास्ते में उन्होंने कुछ घबराए हुए लोगों को देखा, जो एक लड़के को घेरे हुए थे। लड़के को बिजली का झटका लगा था।
डॉक्टर रावली ने फौरन लड़के को सड़क पर ही लिटाया और पांच-छह मिनट तक (सीपीआर) दिया।
होश में आने पर लोगों ने लड़के को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसका इलाज किया गया और ठीक होने पर छुट्टी दे दी गई।
डॉक्टर रावली अपनी मेहनत के नतीजे से खुश हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी ऐसी ही इमरजेंसी से निपटने की होती है।