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होटल में खास मेहमान बनकर आए कछुए

केरल के त्रिशूर में मशहूर परमेक्कावु मंदिर के पास जवान होटल में हर रोज खास मेहमान पहुंचते हैं. रोशनी बंद होने के साथ होटल में कतार में कछुए आते हैं. ये होटल में मिलने वाले उपमा, डोसा और पकौड़ों का स्वाद लेते हैं. जिसे देखने के लिए लोग दूर दूर से यहां आते है. वहीं होटल मालिक भी इससे बेहद खुश है. 

वहीं इसको लेकर होटल मालिक संतोष ने बताया कि "पिछले पांच से आठ महीने से कछुए यहां आ रहे हैं. हमने ये होटल एक साल पहले शुरू किया था. आठ महीने से कछुए यहां आकर खाना खाते हैं. मुझे लगता है कि कछुए यहां बेहद खुशी महसूस करते हैं। यहां वे शाकाहारी खाना खाते हैं। हम उन्हें केले के पत्तों पर होटल में बने पांच-छह चीजें खाने को देते हैं। जैसे, पजम पुरी, उपमा, पोंगल, वड़ा, अपम, अडा आदि।" होटल मालिक का कहना है कि कछुए मंदिर में बने तालाब से आते हैं


क्या है कछुओं का नाम ?

संतोष उन्हें लक्ष्मी कहकर पुकारते हैं , उन्होंने बताया कि ये कछुए गंध पहचानते हैं. वे उनके हाथ की गंध पहचानते हैं. कछुए अमूमन किसी के हाथ का खाना नहीं खाते, लेकिन वे होटल मालिक संतोष के हाथ का खाना खाते हैं. ये कछुए पहले अन्य  लोगों से डरते थे. लकिन अब वे नहीं डरते.. साथ ही आपको बता दें कि हिंदू पौराणिक कथाओं में कछुओं की अहम जगह है. उन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।