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TMC ने पश्चिम बंगाल में SIR से जुड़ी 40 मौतों का दावा किया, कहा- खून से रंगे हैं चुनाव आयोग के हाथ

New Delhi: दिल्ली में टीएमसी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की और आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के कारण कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के "हाथ खून से रंगे हैं"। पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूचियों के एसआईआर के बीच टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओब्रायन के नेतृत्व में पार्टी के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोकसभा सदस्यों में शताब्दी रॉय, कल्याण बनर्जी, प्रतिमा मंडल, साजदा अहमद और महुआ मोइत्रा के साथ राज्यसभा सदस्यों में डोला सेन, ममता ठाकुर, साकेत गोखले और प्रकाश चिक बरीक शामिल थे। डेरेक ओब्रायन ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी ने पांच सवाल उठाए, लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त यानी सीईसी ज्ञानेश कुमार ने उनका कोई जवाब नहीं दिया।

ओब्रायन ने कहा, "हमने बैठक की शुरुआत ही ये कहते हुए की कि सीईसी के हाथ खून से रंगे हैं। हमने पांच सवाल उठाए। इसके बाद करीब 40 मिनट में कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और ममता बाला ठाकुर ने अपनी बात रखी और जो कहना था वो कहा।"

उन्होंने कहा, "इसके बाद सीईसी ने एक घंटे तक बिना रुके बात की। जब हम बोल रहे थे, तब हमें भी नहीं टोका गया, लेकिन हमें हमारे पांच सवालों में से किसी का भी जवाब नहीं मिला।" लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सीईसी से मिलकर उन्हें 40 ऐसे लोगों की सूची सौंपी, जिनकी मौत कथित तौर पर एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी थी।

हालांकि, उन्होंने बताया कि आयोग ने इन्हें केवल 'आरोप' कहकर खारिज कर दिया। पार्टी नेता ओब्रायन ने ये साफ किया कि उनकी पार्टी एसआईआर की अवधारणा के खिलाफ नहीं है लेकिन "उस अनियोजित तरीके का कड़ा विरोध करती है, जिसके तहत सीईसी और निर्वाचन आयोग इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं।"

ओब्रायन ने एसआईआर प्रक्रिया को "पूरी तरह से अनियोजित और निर्मम" बताया है। एसआईआर प्रक्रिया वर्तमान में पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी है।