मौसम की बेरुखी के चलते इस वर्ष हिमाच्छादित रहने वाली चोटियां नवंबर बीत जाने पर भी बर्फविहीन हैं। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में ऊंची चोटियों में बीते सालों तक बर्फ जमीं रहती थी, लेकिन इस वर्ष अभी भी दूर-दूर तक बर्फबारी के कोई आसार नजर नहीं आ रही हैं।
बदरीनाथ धाम में इन दिनों मास्टर प्लान महायोजना के काम भी जाेरशोर से चल रहे हैं। धाम में रात को तापमान माइनस 7 तक पहुंच रहा है, लेकिन बर्फबारी न होने से मास्टर प्लान के काम बदस्तूर जारी हैं। हालांकि दोपहर दो बजे बाद शीतलहर का प्रकोप बढ़ने से मास्टर प्लान के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।