Jharkhand: झारखंड के पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने शनिवार को नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर राज्य की विकास परियोजनाओं में सहयोग करने की अपील की और कहा कि सुरक्षा बलों ने मार्च तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
गुरुवार सुबह सारंडा जंगल में हुई गोलीबारी में सुरक्षा बलों के 17 नक्सलियों को मार गिराने के बाद मिश्रा ने पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा का दौरा किया। मारे गए नक्सलियों में पतिराम मांझी उर्फ अनल दा भी शामिल था, जिस पर कुल मिलाकर 23 लाख रुपये का इनाम था।
मिश्रा ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा बलों की कोशिशों की सराहना की और कहा, "ये बेहतर आकलन, समन्वय, योजना और क्रियान्वयन का परिणाम है। यह ऐतिहासिक है।" जंगल युद्ध में विशेषज्ञता रखने वाली सीआरपीएफ की कोबरा इकाई और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए लोगों में पांच महिलाएं शामिल थीं। इस अभियान में लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मी लगे हुए थे।
मिश्रा ने कहा, “मैं नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के मिशन में शामिल होने की अपील करती हूं। सारंडा को नक्सलवाद से मुक्त कराना मेरी प्राथमिकता है। हम मार्च तक राज्य से वामपंथी नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नक्सली प्रभाव से मुक्त किए जा रहे क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए उत्सुक हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरुवार सुबह शुरू हुए और शनिवार को समाप्त हुए तलाशी अभियान के दौरान चार एके-47, चार इंसास राइफल और तीन एसएलआर सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार सिंह ने कहा, "झारखंड में करीब 65 नक्सली हैं। मुठभेड़ के बाद अब 50 से भी कम बचे हैं। राज्य में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई अपने आखिरी चरण में है। हमने आज एक बैठक भी की, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई को जल्द से जल्द खत्म करने की रणनीति पर चर्चा की गई।" उन्होंने बताया कि राज्य में अब नक्सली केंद्रीय समिति का सिर्फ एक प्रमुख सदस्य मिसिर बेसरा ही बचा है, जबकि तीन केंद्रीय समिति सदस्यों को मार गिराया गया है, जिनमें से दो पिछले साल मारे गए और गुरुवार की मुठभेड़ में अनाल दा मारा गया।
अनाल दा तीन मार्च, 2006 को बोकारो में सीआईएसएफ शिविर पर हुए हमले से जुड़ा था, जिसमें पांच जवान शहीद हुए थे और दो अन्य घायल हुए थे। वह जून 2019 में सरायकेला-खरसावां जिले के कुकरू हाट में पांच सुरक्षाकर्मियों की हत्या और मई 2025 में ओडिशा में खनन के लिए रखे गए पांच टन विस्फोटक की लूट में भी शामिल था।
पुलिस ने बताया कि झारखंड ने अनाल पर एक करोड़ रुपये का इनाम रखा था, जबकि ओडिशा ने एक करोड़ 20 लाख रुपये और आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। झारखंड में कोल्हान, विशेषकर सारंदा, नक्सलियों का अंतिम गढ़ माना जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने बुडा पहाड़, चतरा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, रांची और पारसनाथ में उनकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से सीमित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष तक राज्य में 11,000 से ज्यादा नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, लगभग 250 मारे गए और 350 से अधिक ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।