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शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने खुद को उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों को किया खारिज

Maharashtra: महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने राज्य की नवगठित सरकार में खुद को उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों को खारिज कर दिया। "एक्स" पर पोस्ट में श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इस साल की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव के बाद उनके पास केंद्र में मंत्री बनने का मौका था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया और वो पार्टी संगठन के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

महाराष्ट्र चुनाव में महायुति की भारी जीत के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद भी राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण होना अभी बाकी है। महायुति के घटक दलों में भारतीय जनता पार्टी 132 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) को सिर्फ 41 सीट मिलीं।

महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुंबई के आजाद मैदान में होगा। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार रात दावा किया कि महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस का नाम तय हो गया है। नई सरकार के गठन के तरीके से नाखुश होने की अटकलों के बीच एकनाथ शिंदे शुक्रवार को सतारा जिले में अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। कार्यवाहक मुख्यमंत्री रविवार दोपहर ठाणे पहुंचे।

श्रीकांत शिंदे ने कहा कि महायुति गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण में थोड़ा विलंब हुआ है और फिलहाल इसे लेकर काफी चर्चाएं और अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि अफवाहें तब और बढ़ गईं जब उनके पिता खराब स्वास्थ्य के कारण आराम करने दो दिन के लिए गांव चले गए। कल्याण सीट से सांसद ने ‘एक्स’ पर कहा कि "यह खबर पिछले दो दिनों से सवालिया निशान के साथ प्रसारित हो रही है कि मैं उप-मुख्यमंत्री बनूंगा। इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है और ऐसी सभी खबरें निराधार हैं।"

श्रीकांत ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र सरकार में मंत्री बनने का मौका मिलने के बावजूद उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इसे ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा, "मेरी सत्ता में पद पाने की कोई इच्छा नहीं है। मैं एक बार फिर स्पष्ट कर देता हूं कि मैं राज्य में किसी भी मंत्री पद की दौड़ में नहीं हूं।" श्रीकांत शिंदे ने मीडिया से आग्रह किया कि वो तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से परहेज करें।