बदरीनाथ धाम के कपाट खुलते ही यहां साधु-संतों का जमावड़ा भी लग जाता है। ये साधु बदरीनाथ धाम की सीढि़यों से लेकर विजयलक्ष्मी चौक तक आस्था पथ पर बैठे रहते हैं, जिन्हें श्रद्धालुओं की ओर से दान में सिक्के से लेकर रुपये तक दिए जाते हैं। जब धाम के कपाट बंद होते हैं तो साधु-संत दान में मिली रकम लेकर मैदानी क्षेत्रों में अपनी कुटिया में लौट जाते हैं। मगर साधु पूरे यात्रा सीजन में एक-एक के सिक्के से रकम जोड़कर लाखों रुपये की कमाई कर लेते हैं।
एक-एक के सिक्के से साधु बन रहे लखपति...
You may also like
जैसलमेर में लोदुर्वा का ऐतिहासिक शिवालय, आस्था और इतिहास की कहानियों का अनूठा संगम.
J-K: पुलवामा आतंकी हमले के सात साल पूरे, अब तक भरे नहीं हैं शूरवीरों को खोने के जख्म.
लापता MBA छात्रा का निर्वस्त्र शव ‘प्रेमी’ के घर मिला, युवती के पिता ने लगाए गंभीर आरोप.
Mumbai: मुलुंड में मेट्रो के पिलर का एक हिस्सा ढहा, तीन-चार लोगों के घायल होने की आशंका.