19 महीने बाद जेल से बाहर आए सपा नेता मोइद खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'संत' बताकर सबको चौंका दिया है। सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो केस में बरी होने के बाद मोइद ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक और उनकी अपनी ही बिरादरी के लोगों ने मुख्यमंत्री को गुमराह कर साजिश रची। डेमोलिशन पर दर्द छलकाते हुए मोइद ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री का आशीर्वाद रहा तो बेकरी फिर खड़ी होगी। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री का कोई दोष नहीं है।
मोइद खान ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीकापुर विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को गलत सूचना दी गई थी। बिना तथ्यों की सही जांच किए विधायक ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया, जिसके बाद कार्रवाई हुई। मोइद खान ने कहा कि मुख्यमंत्री एक संत स्वभाव के व्यक्ति हैं और वे इस तरह का कार्य नहीं कर सकते। उन्हें झूठी खबर देकर एक साजिश के तहत कार्रवाई करवाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनके ही बिरादरी के कुछ लोगों ने बदले की भावना से यह साजिश रची।
डेमोलिशन की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन यदि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद रहा तो बच्चों के रोजगार के लिए बेकरी दोबारा खड़ी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जेल में उनके साथ किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और उनका ध्यान अच्छे से रखा गया। मोइद खान ने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में न तो मुख्यमंत्री का कोई दोष है और न ही स्थानीय विधायक का...हालांकि, उन्होंने माना कि लड़की के साथ गलत हुआ है, लेकिन उनका दावा है कि लड़की और उसकी मां को कुछ लोगों ने बहकाया था। सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो मामले में मोइद खान पहले ही कोर्ट से बरी हो चुके हैं। वहीं गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी उन्हें जमानत मिल चुकी है।