उत्तर प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी के अवसर देने के लिए योगी सरकार का मिशन रोजगार तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह माह में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का संकल्प लिया है। इसी क्रम में शिक्षा क्षेत्र में 17,059 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026 में जारी भर्ती विज्ञापनों में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के पद शामिल हैं। इन भर्तियों से युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलने के साथ शिक्षण संस्थानों में जरूरी मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा।
उच्च शिक्षा में 2,047 पद
उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य के 111 और सहायक आचार्य के 1,936 पद विज्ञापित किए गए हैं। सहायक आचार्य पदों के लिए परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। इन नियुक्तियों से उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में मदद मिलेगी।
माध्यमिक शिक्षा में 3,504 पद
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 897 सहायक अध्यापक और 2,607 प्रवक्ता (PGT) के पद शामिल हैं। सहायक अध्यापक पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026, जबकि प्रवक्ता पदों के लिए परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।
बेसिक शिक्षा में 11,508 पद
शिक्षा क्षेत्र की भर्ती में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। यहां सहायक अध्यापक प्राथमिक शहरी (अर्बन) के 11,508 पद विज्ञापित किए गए हैं। इन पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) भी आयोजित की जा रही है।
एक लाख भर्ती के लक्ष्य में शिक्षा की बड़ी हिस्सेदारी
शिक्षा क्षेत्र में विज्ञापित 17,059 पद मुख्यमंत्री के एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य का करीब 17 फीसदी हैं। इनमें 11,508 प्राथमिक शहरी सहायक अध्यापक, 2,607 प्रवक्ता, 1,936 सहायक आचार्य, 897 माध्यमिक सहायक अध्यापक और 111 प्राचार्य के पद शामिल हैं। इस तरह भर्ती प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के अलग-अलग स्तरों को शामिल किया गया है।
रोजगार के साथ शिक्षा व्यवस्था भी होगी मजबूत
योगी सरकार का जोर पारदर्शी चयन प्रक्रिया और समयबद्ध भर्ती के जरिए रिक्त पदों को भरने पर है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। मिशन रोजगार के तहत ये भर्तियां युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खोलने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद करेंगी।