Breaking News

पंजाब: दो मौजूदा और एक पूर्व विधायक आज बीजेपी में होंगे शामिल     |   UP के कुशीनगर में कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर, 5 की मौत     |   'मेरे खिलाफ ED के इस्तेमाल का दबाव', प्रियंक खड़गे का केंद्र पर आरोप     |   MP: देवास में अवैध शराब से भरे ट्रक ने थाना प्रभारी दिलीप पुरी को कुचला     |   लिफ्ट देने के बहाने गाड़ी में बैठाकर लूटते थे, नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 4 बदमाशों को दबोचा, 2 को लगी गोली     |  

दिवाली से पहले यूपी में मिठाई की दुकानों पर छापेमारी, 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

दीपावली पर लोगों को शुद्ध और सुरक्षित मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने प्रदेशभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत अस्थायी मिठाई निर्माण इकाइयों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर कारोबार बंद करा दिया गया। वहीं, बिना लाइसेंस संचालित एक इकाई को भी बंद कराया गया।

प्रदेशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान 379 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 373 नमूने लिए गए। अनियमितताएं मिलने पर 211 सुधार सूचनाएं जारी की गईं। कार्रवाई के दौरान करीब 50 कुंतल संदूषित मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 11 लाख रुपये है। इसके अलावा 49 कुंतल संदिग्ध खाद्य पदार्थ अधिग्रहीत किए गए, जिनका मूल्य करीब 11.50 लाख रुपये है। इस तरह कुल 99 कुंतल खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 22.50 लाख रुपये है।

निष्पक्ष जांच के लिए दूसरे जिलों की टीमों ने किया निरीक्षण

अभियान को प्रभावी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी मंडलों में अंतर-जनपदीय निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई। इसके तहत एक जिले के अधिकारियों की टीम को दूसरे जिले में जांच के लिए भेजा गया। सभी मंडलों में एक साथ निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान केवल मिठाइयों की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि उनके निर्माण की पूरी प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने निर्माण स्थलों की साफ-सफाई, कच्चे माल और तैयार मिठाइयों के भंडारण, खाद्य रंगों और तेल की गुणवत्ता, मिलावट की आशंका, पेयजल, पैकेजिंग और खाद्य कारोबार से जुड़े लाइसेंस व दस्तावेजों की जांच की।

कई जगहों पर गंदगी, कीटों की मौजूदगी और कच्चे माल के अनुचित भंडारण के बीच मिठाइयां बनाई जा रही थीं। कुछ इकाइयों में इस्तेमाल की जा रही खाद्य सामग्री भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इन मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई।

संभल में पांच रसगुल्ला निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई

संभल जिले में पांच रसगुल्ला निर्माण इकाइयों में स्वच्छता और भंडारण से जुड़ी गंभीर कमियां मिलीं। इनमें सत्तार रसगुल्ला निर्माण शाला, जोगेंद्र रसगुल्ला कारखाना, इरफान रसगुल्ला, तहजीब रसगुल्ला और साने आलम रसगुल्ला निर्माण इकाई शामिल हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर इन सभी के लाइसेंस निलंबित कर कारोबार बंद करा दिया गया।

शामली और बुलंदशहर में भी हुई कार्रवाई

शामली जिले के जखीरा बत्तीसा निर्माण कारखाने में जांच के दौरान सेफोलाइट नामक रसायन पाया गया, जो खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल के लिए अनुमन्य नहीं है। परिसर में गंदगी भी मिली। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वहीं, बुलंदशहर में बंधन स्वीट्स और रामा स्वीट्स में स्वच्छता और भंडारण से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनका कारोबार बंद करा दिया गया।

लखनऊ में गंदगी और बिना लाइसेंस संचालन पर कार्रवाई

लखनऊ के पारा स्थित नरपतखेड़ा के जय श्री दुर्गा गृह उद्योग में अत्यधिक गंदगी और कीटों की मौजूदगी के बीच खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे। विभागीय टीम ने प्रतिष्ठान का कारोबार बंद करा दिया।

इसके अलावा काकोरी के पटोली, बनियाखेड़ा स्थित आकृति गृह उद्योग बिना लाइसेंस संचालित पाया गया। यहां भी खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया है। संचालक के खिलाफ सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने की कार्रवाई शुरू की गई है।

छोटे दुकानदारों का उत्पीड़न न करने के निर्देश

यूपीएफएसडीए आयुक्त ने अभियान में शामिल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच के नाम पर छोटे और खुदरा खाद्य विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए। कार्रवाई का उद्देश्य वास्तविक अनियमितताओं और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर रोक लगाना है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता नहीं किया जाएगा। मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।