अयोध्या के रामलला मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने दान में कथित गड़बड़ी के विवाद के बीच कहा है कि मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों के इस्तीफे का मंदिर के नियमित कामकाज या श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है।
संतोष तिवारी ने कहा कि दानपात्र में आने वाले चढ़ावे का पूरा हिसाब केवल राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य ही दे सकते हैं। पुजारियों की इस प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने कहा कि कथित चोरी या गड़बड़ी की घटना के बाद भी मंदिर में पहले की तरह बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूरे परिसर में 'जय श्री राम' के जयकारे लगातार गूंज रहे हैं।
पुजारी ने यह भी कहा कि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों के इस्तीफा देने से मंदिर के संचालन में किसी तरह की परेशानी नहीं आई है। उनके अनुसार, जो लोग ऐसा मान रहे हैं, वे गलत हैं। राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिए हैं।
इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में दान की गिनती के दौरान कथित चोरी और हेराफेरी के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज में दान की गिनती के दौरान करीब 70 कथित चोरी या हेराफेरी की घटनाएं दर्ज होने का दावा किया गया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर 13 जुलाई को सुनवाई करेगा।