हिमाचल प्रदेश सरकार 2023 जैसी आपदा आगे ना आ पाए इसके लिए पूरी प्लानिंग करने में लगी है और मानसून आने से पहले अलर्ट मोड पर दिखाई दे रही है।
राज्य के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईएमडी, केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों के साथ मानसून बारिश का सामना करने की तैयारियों की समीक्षा की।
पिछले साल राज्य में बाढ़ की वजह से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी और राज्य को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
सक्सेना ने कहा कि भूस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है और वहां से लोगों को हटाने या फिर वहां मजबूती देने का प्लान बनया जा रहा है। एनडीआरएफ की छोटी टीमें शिमला, कुल्लू, सिरमौर और चंबा समेत अलग अलग जगहों पर तैनात रहेंगी।