पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जब वे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और अकादमिक सेक्शन्स की नई इमारतों का उद्घाटन करने पहुंचे। छात्रों ने आरोप लगाया कि उद्घाटन समारोह में किसी भी छात्र को आमंत्रित नहीं किया गया। छात्रों ने कहा कि न तो विश्वविद्यालय प्रशासन, न ही कुलपति (VC), और न ही कोई छात्र उद्घाटन समारोह में बुलाया गया। छात्रों ने कहा, "क्या इसे राजनीतिक कार्यक्रम माना जाना चाहिए—जहां कोई सिर्फ आता है, रिबन काटता है और चला जाता है?" प्रदर्शनकारियों ने स्लोगन और पोस्टर्स के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) वापस लेने की मांग भी की।
नीतीश कुमार ने आज बिहार विधान परिषद (MLC) से अपना इस्तीफा दे दिया, जो राज्य राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। नीतीश कुमार को हाल ही में राज्यसभा के लिए चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने राज्य विधायिका से इस्तीफा दिया। JDU के विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को "विकसित राज्यों की सूची" में शामिल किया और MLC पद से उनका इस्तीफा राज्य के लिए नुकसान है। बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह ने इस्तीफे को स्वीकार किया और इसे राज्य के लिए एक भावनात्मक पल बताया। नीतीश कुमार की यह यात्रा और इस्तीफा बिहार के राजनीतिक और शैक्षिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।