दिल्ली में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के 1770 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की।
सिंह ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी सरकारी अस्पतालों को इलाज की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण के पैटर्न, प्रभावित इलाकों और संभावित हॉटस्पॉट पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
दिल्ली में एक ही दिन में एच1एन1 के 114 नए मरीज मिले। इससे इस वर्ष अब तक एन1एच1 की पुष्टि हुई मरीजों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई। छह अगस्त तक दिल्ली में एच1एन1 के 1,344 मामले थे। यानी मात्र 14 दिन में 433 नए मामले सामने आए। 20 अगस्त को मिले 114 नए मरीज दिल्ली के किन अस्पतालों में रिपोर्ट हुए हैं, इसका ब्योरा स्वास्थ्य विभाग ने अब तक सार्वजनिक नहीं किया है।
डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में कई मरीजों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी और तेज बुखार देखने को मिल रहा है। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाली सूजन भी कुछ मरीजों में खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि एच1एन1 संक्रमण में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।