Breaking News

चक्रवात मुरासु के कारण आंध्र प्रदेश में उखड़े पेड़     |   यूपी में आज बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा     |   जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में भूकंप के झटके, 3.1 रही तीव्रता     |   'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ सड़कों पर उतरेगी BJP, यूपी के 6 क्षेत्रों में पदयात्रा     |   ट्रंप प्रशासन को SC से झटका, कैलिफोर्निया के 20 हजार बैलेट गिनने पर रोक की मांग खारिज     |  

अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर का तंज, बोले- मंदिरों में जाने से क्यों लगता है डर?

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव बनारस तो आ रहे हैं, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव को तुष्टिकरण की राजनीति से बचने की नसीहत भी दी।

अयोध्या और मथुरा के मंदिरों को लेकर भी साधा निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के पिछले दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले जब वे अयोध्या गए थे, तब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास से मुंह घुमाकर निकल गए थे। इसी तरह मथुरा जाने पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की तरफ देखने से भी उनकी कंपकपी छूटने लगती है।

राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इतनी भी तुष्टिकरण वाली राजनीति न करें कि हिंदू समाज उन्हें धिक्कारने लगे।

यदुवंशी समाज के निमंत्रण का भी किया जिक्र

कैबिनेट मंत्री ने काशी की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है। पिछले वर्ष समाज की ओर से अखिलेश यादव को भी इस अनुष्ठान के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे किसी बहाने से इसमें शामिल नहीं हुए।

अखिलेश यादव को आत्ममंथन करने की दी सलाह

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि जब भगवान की आज्ञा होती है, तभी इंसान को उनके दर्शन मिलते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों प्रभु श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और बाबा विश्वेश्वर के दरबार में जाने से अखिलेश यादव पीछे हटते हैं।उन्होंने एक बार फिर अखिलेश यादव से तुष्टिकरण की राजनीति छोड़ने की अपील की।