भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश में 18 जुलाई से मानसून के फिर से सक्रिय होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 17 जुलाई को राज्य के 26 से 50 प्रतिशत हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, 18 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी और राज्य के 51 से 75 प्रतिशत क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि 19 से 22 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश के 76 से 100 प्रतिशत हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 23 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। नागरोटा सूरियां में सबसे अधिक 28.8 मिमी और कांगड़ा में 10.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। ऊना राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि केलांग में न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
आईएमडी के अनुसार, मानसून की सक्रियता बढ़ने के पीछे कई मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। वर्तमान में मानसून ट्रफ जम्मू, बरेली होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। वहीं, जम्मू क्षेत्र के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की संभावना है, जिससे हिमाचल प्रदेश में बारिश और तेज हो सकती है।
मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि लगातार भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क संपर्क बाधित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। लोगों को मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।