Maharashtra: मुंबई में मंगलवार को रातभर हुई भारी बारिश के कारण बुधवार सुबह उपनगरीय रेल सेवाएं प्रभावित हुईं, निचले इलाकों में पानी भर गया और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में महानगर के कुछ हिस्सों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटे में मुंबई और उसके उपनगरों में गरज एवं बिजली चमकने के साथ मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। सत्तारूढ़ शिवसेना की विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने मुंबई की महापौर रितु तावड़े से नालों की अच्छी तरह सफाई कराने और उनमें से सूखा कचरा हटवाने के प्रयास तेज करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव और यातायात संबंधी बाधाओं को रोकने के लिए ये कदम उठाना बेहद जरूरी हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल शिवसेना की नेता कायंदे ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए और लोगों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
उन्होंने विधान भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह राजनीति का नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं के समाधान का विषय है।’’ बृहन्मुंबई महानगरपालिका पर भाजपा और शिवसेना का नियंत्रण है। नगर निकाय के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में द्वीप शहर में औसतन 195 मिलीमीटर, पश्चिमी उपनगरों में 208 मिलीमीटर और पूर्वी उपनगरों में 167 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य आगमन तिथि से 13 दिन की देरी से मंगलवार को मुंबई पहुंचा जिससे शहर और उपनगरों में व्यापक पैमाने पर बारिश हुई तथा भीषण गर्मी से राहत मिली।
हालांकि, रातभर हुई बारिश के कारण बुधवार सुबह तक शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया जिससे यातायात प्रभावित हुआ और हजारों लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। ठाणे और पालघर जिलों में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश होने के कारण मालशेज घाट में भूस्खलन हुआ और पेड़ गिरने की कई शिकायतें मिलीं। ठाणे के निवासी उपजिलाधिकारी संदीप माने ने बताया कि ठाणे और पुणे जिलों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मालशेज घाट मार्ग पर मंगलवार शाम मामूली भूस्खलन हुआ।
नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार तड़के अंधेरी उपमार्ग, हिंदमाता और किंग्स सर्किल इलाकों में जलभराव की सूचना मिली जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर रेल पटरियों पर पानी भरने के कारण उपनगरीय रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
अधिकारियों ने हालांकि बताया कि जलस्तर ट्रेन सेवाएं रोकने के लिए निर्धारित खतरे के निशान से नीचे रहा। कई यात्रियों ने सुबह विशेष रूप से मध्य रेलवे के मार्गों पर ट्रेन सेवाओं में देरी और लोकल ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ होने की शिकायत की। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश की वजह से मध्य रेलवे की ‘ट्रांस-हार्बर लाइन’ की सेवाओं पर भी असर पड़ा। तुर्भे और कोपरखैरने स्टेशनों के बीच पानी के तेज बहाव के कारण रेल पटरी के नीचे धंस जाने के कारण नवी मुंबई में वाशी/पनवेल और ठाणे के बीच सेवाएं प्रभावित हुईं।
मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि ठाणे-वाशी खंड पर ‘अप लाइन’ को सुबह पांच बजकर छह मिनट पर और ‘डाउन लाइन’ को सुबह पांच बजकर 50 मिनट पर असुरक्षित घोषित कर दिया गया जिससे सुबह के व्यस्त समय में ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ। ‘अप लाइन’ को सुबह सात बजकर 27 मिनट पर बहाल कर दिया गया और इस पर ट्रेन की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रखी गई। ‘डाउन लाइन’ को सुबह सात बजकर 35 मिनट पर सुरक्षित घोषित किया गया तथा इस पर ट्रेन को 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की अनुमति दी गई।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पानी के अत्यधिक बहाव के कारण रेल पटरी के नीचे की जमीन धंस गई थी।’’ इस घटना के बाद ट्रेन सेवाओं को नियंत्रित किए जाने के कारण कई स्टेशन पर यात्रियों को देरी और अत्यधिक भीड़ का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने हालांकि बताया कि भारी बारिश के बावजूद पश्चिम रेलवे की सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही थीं।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बताया कि सुबह आठ बजकर 28 मिनट पर समुद्र में 3.41 मीटर ऊंचा ज्वार आया जबकि शाम सात बजकर 41 मिनट पर 3.35 मीटर ऊंचा ज्वार आने का अनुमान है। अरब सागर से घिरे मुंबई महानगर में आमतौर पर भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण जलभराव होता है।
शिवसेना की विधान परिषद सदस्य कायंदे ने कहा कि मुंबई में नालों की सफाई जरूरी है, हालांकि भारी बारिश के दौरान कुछ हद तक जलभराव होने की संभावना रहती है। कायंदे ने कहा कि कुछ नालों की पर्याप्त सफाई नहीं की गई थी जिससे शहर के कुछ हिस्सों में पानी जमा हो गया।
उन्होंने कहा, ‘‘नालों की सफाई कराने और उनमें से सूखा कचरा हटवाने के लिए महापौर को और अधिक प्रयास करने पड़ सकते हैं, ताकि पानी न भरे और वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।’’ अधिकारियों ने बताया कि नगर निकाय और आपदा प्रबंधन दल सतर्क हैं और महानगर में बारिश से जुड़ी घटनाओं पर नजर रख रहे हैं। मौसम विभाग ने बुधवार तड़के चार बजे मुंबई और पालघर के लिए तीन घंटे का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था।
विभाग ने इस दौरान गरज के साथ बारिश होने, बिजली गिरने, अत्यधिक तेज बारिश होने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी। विभाग ने बाद में सुबह सात बजे ‘अलर्ट’ का स्तर कम करके अगले तीन घंटे के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान जताया गया। मुंबई में मानसून सामान्य रूप से 10 जून को आ जाता है।
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में मानसून इससे भी देर से 25 जून को पहुंचा था। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून के आगमन में सबसे अधिक देरी 1974 एवं 1958 में हुई थी और यह 28 जून को मुंबई पहुंचा था।