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MP: मिलिए 'चालीसा गुरु' से, अब तक 500 से ज्यादा विषयों पर लिख चुके हैं चालीसा

दशरथ मसानिया को लोग 'चालीसा गुरु' के नाम से जानते हैं। मसानिया एक शिक्षक हैं और मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के बड़ोद ब्लॉक में पढ़ाते हैं। हालांकि उनका पढ़ाने का तरीका दूसरे शिक्षकों से अलग है। वे खुद की लिखी चालीसाओं के जरिए बच्चों को हर पाठ की तैयारी कराते हैं। बेहतरीन लय के साथ मसानिया के पढ़ाने के इस तरीके से छात्रों के लिए पाठों को याद करना आसान हो जाता है।

चालीसा भक्ति से जुड़े भजन हैं जो आम तौर पर चालीस छंदों से बने होते हैं। 'चालीसा' शब्द हिंदी के 'चालीस' शब्द से लिया गया है। चालीसा का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हनुमान चालीसा है।

मसानिया ने 500 से ज्यादा चालीसा लिखी हैं। इनमें महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि से लेकर रामायण और हनुमान चालीसा की रचना करने वाले संत कवि तुलसीदास पर भी चालीसा शामिल हैं। कभी हाथों से इशारे करते हुए तो कभी गाकर पढ़ाने के अपने खास तरीके के बारे में चालीसा गुरु का कहना है कि बच्चों को भी इसमें काफी मजा आता है और वे जल्दी सीख कर रहे हैं।

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर शायद इस बात से अनजान होंगे कि दशरथ मसानिया ने उन पर भी एक चालीसा लिखी है। अपने इस अनूठे काम के लिए मसानिया को कई पुरस्कार भी मिले हैं। उनकी कोशिश अब उन विषयों पर चालीसा लिखने की है जिनकी ओर उन्होंने अब तक रुख नहीं किया है।