महाराष्ट्र में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार का गठन हो चुका है। महायुति की पिछली सरकार में मुख्यमंत्री रहे एकनाथ शिंदे इस सरकार में फडणवीस के डिप्टी बने हैं। हालांकि, महायुति की तीनों पार्टियों के बीच अब तक पोर्टफोलियो आवंटन को लेकर गहमागहमी बनी हुई है। इस बीच देर रात अमित शाह के आवास पर एक बैठक हुई है, जिसमें देवेंद्र फडणवीस के अलावा जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। बैठक में महाराष्ट्र सरकार में पोर्टफोलियो आवंटन को लेकर चर्चा हुई।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 14 दिसंबर तक होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि शिवसेना को गृह विभाग नहीं मिलेगा और राजस्व विभाग भी उसे दिए जाने की संभावना नहीं है। हालांकि, शिवसेना को शहरी विकास विभाग मिल सकता है। शिंदे गुट राजस्व व गृह विभाग जैसे मंत्रालयों की मांग कर रहा है, जिसको लेकर भाजपा व शिवसेना के बीच अब तक सहमति नहीं बन पाई है।
भाजपा नेता ने बताया कि कैबिनेट में भाजपा कोटे से मुख्मयंत्री समेत 21 -22 मंत्री पद रखे जाने की संभावना है। चार-पांच मंत्री पद खाली रखे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 मंत्री हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि तीन पार्टियां (महायुति के सहयोगी भाजपा, शिवसेना और एनसीपी) इसमें शामिल हैं।
बता दें, देवेंद्र फडणवीस के सीएम पद की शपथ लेने के बाद उनका यह पहला दिल्ली दौरा है। बुधवार को दिल्ली में उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। उन्होंने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की।