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सपा-BJP की 2024 की रणनीति का लिटमस टेस्ट

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 11 उम्मीदवार मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. सपा से जया बच्चन, रामजीलाल सुमन और आलोक रंजन प्रत्याशी हैं. बीजेपी से आठ प्रत्याशी उतरे हैं, जिनमें आरपीएन सिंह, चौधरी तेजवीर सिंह, अमरपाल मौर्य, संगीता बलवंत, सुधांशु त्रिवेदी, साधना सिंह, नवीन जैन और संजय सेठ शामिल हैं. सूबे के मौजूदा विधायकों के आधार पर बीजेपी की सात और सपा के दो उम्मीदवार की जीत तय है, लेकिन 10वीं राज्यसभा सीट के लिए दोनों दलों के बीच फाइट होगी.

बीजेपी को अपने आठवें और सपा को अपने तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए अतरिक्त वोटों की मशक्कत करनी होगी. एक राज्यसभा सीट के लिए 37 वोटों की जरूरत है. सूबे में बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए के साथ आरएलडी के आने के बाद उनके पास 286 विधायकों का समर्थन है तो सपा के साथ 110 विधायकों का समर्थन हासिल है. ऐसे सपा को दो सीट जीतने के बाद अपनी तीसरी राज्यसभा सीट जीतने के लिए महज एक अतरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा. वहीं, बीजेपी को अपने आठवें कैंडिडेट को जिताने के लिए आरएलडी के साथ आने के बावजूद 8 विधायकों का अतरिक्त वोट चाहिए होगा. अतरिक्त वोट जुटाने के गणित में में ही असली सियासी खेल खेला जाना है.