Karnataka: कर्नाटक विधान परिषद में शुक्रवार को कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बी.के. हरिप्रसाद द्वारा राज्यपाल थावरचंद गहलोत के कथित अपमान को लेकर जोरदार हंगामा हुआ, जिसके परिणामस्वरूप सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। गुरुवार को कर्नाटक विधानसभा के संयुक्त सत्र में अपना संबोधन समाप्त करने के बाद जैसे ही राज्यपाल थावरचंद गहलोत जाने लगे, हरिप्रसाद ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जबकि बाकी कांग्रेस विधायकों ने उन्हें घेरने का प्रयास किया था।
शुक्रवार को सत्र शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधान परिषद सदस्य ने राज्यपाल के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर हरिप्रसाद को सदन से निलंबित करने की मांग की। बीजेपी सदस्यों ने एक स्वर में नारे लगाते हुए कहा, “हम गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने राज्यपाल का अपमान किया है। हरिप्रसाद को निलंबित करो।”
इसके तुरंत बाद कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य और मंत्री हरिप्रसाद के समर्थन में आ गए और उन्होंने बीजेपी के खिलाफ नारेबारी की। विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी ने हंगामा कर रहे सदस्यों को शांत कराने का प्रयास किया और कुछ सदस्यों को फटकार भी लगाई। विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी ने कहा कि हरिप्रसाद का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि राज्यपाल ने राष्ट्रगान का अपमान किया, और कहा कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत के जाते समय राष्ट्रगान बजाया ही नहीं गया था। नारायणस्वामी ने कहा, “हरिप्रसाद को परिषद से निलंबित किया जाए। हम इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे। राज्यपाल का अपमान संविधान का अपमान है।”
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि राज्यपाल को राष्ट्रगान बजने तक रुकना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इंतजार नहीं किया और चले गए। उन्होंने इसे राष्ट्रगान का अपमान बताया। सभापति होरट्टी ने कहा कि राज्यपाल के कथित अपमान से संबंधित नोट में किसी का नाम दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने संयुक्त सत्र का विवरण मांगा है। रिपोर्ट आने दीजिए।” हंगामा जारी रहने के कारण होरट्टी ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की।