केरल में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आज से सरकारी बसों में सफर बिल्कुल मुफ्त हो गया है। सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए 'प्रियदर्शिनी' योजना की शुरुआत की है। केरल में हजारों महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए रोजाना बस यात्रा सस्ती होने वाली है। आने-जाने का खर्च अब बचत में बदल जाएगा। मुफ्त बस यात्रा से छात्रों से लेकर दिहाड़ी मजदूरों और ऑफिस जाने वालों तक - कई वर्ग के यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
केरल सरकार ने 'प्रियदर्शिनी' योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य भर के सामान्य केएसआरटीसी बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को मुफ्त यात्रा करने की सुविधा है। योजना का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कहा कि ये कदम चुनाव के दौरान किए गए एक अहम वादे को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि ये पहल कोई दान-पुण्य नहीं, बल्कि एक कल्याणकारी कदम है, जिसका सामाजिक-आर्थिक रूप से भारी असर पड़ेगा।
योजना की शुरुआत तिरुवनंतपुरम के थम्पानूर केएसआरटीसी बस टर्मिनल से की गई। एक महिला ड्राइवर और कंडक्टर ने उद्घाटन यात्रा की अगुवाई की। उद्घाटन के मौके पर, राज्य के मंत्री, विधायक और दूसरे जन-प्रतिनिधियों ने महिला यात्रियों के साथ थम्पानूर से सचिवालय तक केएसआरटीसी बस की सवारी की। ट्रांसपोर्ट मंत्री सी. पी. जॉन ने कहा कि इस योजना से राज्य में सभी के लिए आवागमन सुलभ होगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूती मिलेगी। योजना की शुरुआत जश्न के माहौल में हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सजी-धजी केएसआरटीसी बसों में सवारी का आनंद लिया।
महिला कार्यकर्ताओं ने इस योजना का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे यात्रा खर्च कम होगा, जो खासकर कम आय वालों के लिए मददगार होगा। पहले चरण में, लाभार्थी कंडक्टर से शून्य वैल्यू वाला 'प्रियदर्शिनी' टिकट लेकर केएसआरटीसी की सभी साधारण बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं।लाभार्थियों का कहना है कि इस पहल से उनकी बचत बढ़ेगी, हालांकि कई लोगों की शिकायत है कि ये सुविधा सिर्फ साधारण बसों तक ही सीमित है। इस वजह से उन्हें देर तक इंतजार करना पड़ सकता है। यात्रा के विकल्प भी कम होंगे। योजना के शुरू होने से राज्य भर में जश्न का माहौल दिखा।
त्रिशूर में गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बस सर्विस को हरी झंडी दिखाई, जबकि कन्नूर में लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। कोझिकोड और मलप्पुरम में भी लोगों में उत्साह था। महिला यात्रियों ने इस योजना के तहत पहली बार मुफ्त बस यात्रा का आनंद लिया। मुफ्त यात्रा की सुविधा कासरगोड से पड़ोसी राज्य कर्नाटक तक चलने वाली केएसआरटीसी की अंतर-राज्यीय बसों में भी उपलब्ध है। योजना से उन छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को काफी राहत मिलने की उम्मीद है, जो रोजाना कासरगोड से मंगलुरु, पुत्तूर और सुलिया जैसी जगहों की यात्रा करती हैं।
उधर अलुवा में प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने इस योजना पर चिंता जताई। उनका कहना है कि केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा से उन्हें महिला यात्रियों की संख्या कम होने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई राहत नहीं दी गई है। ऑपरेटरों ने पुरुषों को मुफ्त यात्रा की सुविधा देकर और महिला यात्रियों को मिठाईयां बांट कर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पांच 'इंदिरा गारंटी' का ऐलान किया था। 'प्रियदर्शिनी योजना' उनमें एक है। सत्ता में आने के बाद वी. डी. सतीशन की सरकार का ये बड़ा नीतिगत कदम है। राज्य सरकार ने इस योजना की सालाना लागत करीब 800 करोड़ रुपये तय की है। साथ ही भरोसा दिलाया है कि इसे लागू करने से केएसआरटीसी पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
सीपीआई (एम) समेत विपक्षी दलों ने योजना के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया। उनका कहना था कि ये योजना केएसआरटीसी की सिर्फ सामान्य बसों तक ही सीमित है। बीजेपी ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दावा किया कि यूडीएफ ने अपना चुनावी वादा पूरी तरह पूरा नहीं किया है। प्रयदर्शिनी योजना को लागू करने और इसकी आर्थिक स्थिरता पर बहस जारी रहने के आसार हैं, लेकिन पहले दिन लाभार्थियों में खुशी का माहौल था।