उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन होने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर छौड़ी के पास पैदल मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पहाड़ी से बड़े पत्थर और मलबा गिरने के कारण यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है। रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह राजवार ने बताया कि शुक्रवार सुबह गौरीकुंड और चीलबासा के बीच कई स्थानों पर छोटे-बड़े पत्थर और चट्टानें गिर गईं। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर पैदल मार्ग पर आवाजाही तुरंत रोक दी गई।
उन्होंने बताया कि सेक्टर अधिकारी, सब-सेक्टर अधिकारी, यात्रा प्रबंधन बल (YMF), MTF, आपदा मित्र और DDR की टीमें मौके पर तैनात हैं। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और उन्हें लगातार लाउडस्पीकर के जरिए स्थिति की जानकारी दी जा रही है। मार्ग से मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है और रास्ता साफ होते ही यात्रा फिर से शुरू कर दी जाएगी।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। यात्रा प्रबंधन बल (YMF) को छौड़ी के क्षतिग्रस्त हिस्से की ओर यात्रियों को जाने से रोकने के लिए तैनात किया गया है। इस बीच, गुरुवार देर रात रुद्रप्रयाग जिले के तारसाली-फाटा मार्ग पर एक ट्रक करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई।
सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), जिला पुलिस और फायर सर्विस की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। एसडीआरएफ की टीम रस्सियों की मदद से गहरी खाई में उतरी और दोनों घायलों को बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों और तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।