कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कावेरी नदी के पानी के मुद्दे पर 2 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि बैठक में कावेरी बेसिन क्षेत्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विधायकों को आमंत्रित किया गया है। शिवकुमार ने कहा कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के उस निर्देश के खिलाफ अपील दायर की गई है, जिसमें कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और सांसद सोमन्ना, जगदीश शेट्टार तथा बसवराज बोम्मई से भी चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के हित में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। DMK नेता अंबुमणि रामदास के उस सुझाव पर प्रतिक्रिया देने से शिवकुमार ने इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से कर्नाटक कांग्रेस नेताओं के बजाय दिल्ली सरकार से संपर्क करने को कहा था।
शिवकुमार ने कहा, "हम एक-दूसरे से लड़ना नहीं चाहते। देश का कानून है और हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। पूरे देश को मिलकर काम करना चाहिए।" कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश की है। समिति ने कुल 4 टीएमसी पानी छोड़े जाने की भी सिफारिश की है।
इससे पहले बुधवार को शिवकुमार ने कहा था कि सिंचाई से जुड़े मामले में पानी छोड़ने का आदेश जारी किया गया है। उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया है और अधिकारियों तथा मंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा था कि बेंगलुरु लौटने के बाद वह विपक्षी दलों के नेताओं से भी बातचीत करेंगे। इधर, कावेरी जल विवाद को लेकर तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं।
वहीं, डीके शिवकुमार ने कैबिनेट विस्तार को लेकर भाजपा सांसद बीएस येदियुरप्पा की टिप्पणी पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, "क्या येदियुरप्पा ने भी बिना कैबिनेट बनाए सरकार नहीं चलाई थी? क्या तब पिता और बेटे ने सत्ता का आनंद नहीं लिया था?" कर्नाटक विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस खेमे में कैबिनेट विस्तार को लेकर बैठकों का दौर जारी है।